मौत की मदिरा: जिसने भी होठों से लगाई उसका ही हुआ काम तमाम, शहर भर में मचा कोहराम
मौत बंटती गई लाशें बिछती रहीं। जी हां ये कोई कल्पना नहीं है बल्कि यूपी के सहारनपुर जिले की एक ऐसी सच्चाई है जो हकीकत को बयां करती है। यहां मौत की शराब अब तक साठ से भी ज्यादा जिंदगियां लील चुकी है। यहां चेहरों पर मौत का खौफ साफ नजर आ रहा है। सहारनपुर के उमाही गांव की बात करें तो यहां शवों के अंतिम संस्कारों का सिलसिला अभी भी जारी है। वहीं जिस भी मकान की चौखट पर मृतक का शव पहुंचा उसी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
रात्रिभोज में बांटी गई मौत की शराब
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय और एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि उत्तराखंड में हरिद्वार जनपद के गांव बालुपुर में किसी ज्ञान सिंह के यहां पर बुधवार को रात्रि भोज हुआ था, जिसमें उमाही गांव के पिन्टू सहित अन्य लोग गए हुए थे। वहां कुछ लोगों ने शराब पी थी, जिसके बाद गांव लौटने पर उनकी हालत बिगड़ी।
इसके अलावा पिन्टू ही बालुपुर गांव से शराब के पाउच खरीदकर लाया था, जिसे उसने अपने गांव उमाही के अलावा आसपास के गांवों में बेचा था। उसी शराब के पीने की वजह से लोगों की मौत हुई तथा खुद पिन्टू ने भी उसी शराब का सेवन किया, जिस कारण उसकी भी मौत हो गई। एसएसपी ने बताया कि बालुपुर गांव में कच्ची शराब बनाने वाले माफिया सक्रिय हैं। चूंकि उक्त बालुपुर गांव सहारनपुर जनपद की सीमा के नजदीक है, इस वजह से वहां से शराब लाई गई थी।
गंभीर हालत वालों को मेरठ भेजा गया
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय के अनुसार शराब पीने से बीमार होने के कारण 42 लोगों को सहारनपुर के जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से पहले तीन लोगों को गंभीर हालत के चलते मेरठ मेडिकल रेफर किया गया, लेकिन उसके बाद भी कई लोगों को मेरठ भेज दिया गया।