प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम आदमी की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। बीते एक सप्ताह के अंदर प्याज की कीमतों में 20 से 30 प्रति किलो का इजाफा होने से प्याज गरीबों की थालियों से दूर हो गया है।
सस्ते प्याज के लिए अभी इतने दिन और करना होगा इंतजार, शहर से ज्यादा देहात में हुआ महंगा
शहर से ज्यादा देहात में लाल हुआ प्याज
प्याज की बढ़ती कीमतों के कारण होटलों और ढाबों के संचालकों ने भोजन की थाली से प्याज गायब कर दिया है। अब सलाद के नाम पर खीरा ही परोसा जा रहा है। ग्राहक द्वारा प्याज मांगे जाने पर उससे अतिरिक्त धन लिया जा रहा है।
मेरठ की नवीन सब्जी मंडी में थोक में प्याज के दाम 60 से 70 रुपये किलो मिल रहा है। वहीं, फुटकर में अस्सी से सौ रुपये प्रति किलो पर मिल रहा है। वहीं, देहात में प्याज की कीमत 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
मंडी में प्याज की आवक कम होने से कीमतों में इजाफा
प्याज के थोक कारोबारी इरफान ने बताया कि पहले प्याज की फसल खराब हो गई थी, फिर मौसम के मिजाज के चलते खपत के मुकाबले मंडी तक प्याज की आवक नहीं हो पा रही है।
यहां के कारोबारी दिल्ली, मेरठ, पानीपत व महाराष्ट्र सहित अन्य जगहों से प्याज लाते है। लेकिन वहां पर भी आवक कम हो रही है, जिस कारण प्याज की कीमतों में इजाफा हुआ है।
अफगान से मंगाई प्याज मगर नहीं आया स्वाद
उधर, महंगाई की मार के चलते सलाद से गायब हो चुकी प्याज को सस्ता करने के मकसद से सहारनपुर मंडी में अफगानिस्तान की ओर से आया प्याज जनपदवासियों को नहीं भा रहा है।
मंडी में अब तक करीब 600 क्विंटल अफगानिस्तान की प्याज आ चुकी है। मंडी में जहां प्याज का थोक रेट 65 से 80 रुपये है, जबकि फुटकर बढ़िया प्याज 90 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
इसलिए नहीं भाया अफगानी प्याज
उम्मीद की जा रही थी कि अफगानिस्तान से प्याज आने के बाद कुछ राहत मिलेगी लेकिन इसका स्वाद अच्छा नहीं होने से इस प्याज को 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर भी लोग नहीं खरीद रहे हैं। मंडी में अच्छी प्याज का थोक रेट 65 से 80 प्रति किलो चल रहा है। जबकि फुटकर में इसका रेट लगभग 90 रुपये प्रति किलो है।
इसके चलते स्थानीय आढ़तियों ने अमृतसर और दिल्ली की मंडियों से अफगानी प्याज को मंगवाया है। लेकिन स्थानीय लोग इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। अफगानी प्याज न सिर्फ स्थानीय प्याज की तुलना में मोटी है बल्कि स्वाद में भी थोड़ी कसैली है। इसके चलते इस प्याज को लोग पसंद नहीं कर रहे हैं।