अभिनेता मुश्ताक खान से दो लाख और कॉमेडियन सुनील पाल को अगवा करके आठ लाख की फिरौती बदमाशों ने वसूली है। बदमाशों ने अपहरण कांड को अंजाम देने के बाद वैष्णो देवी के दर्शन किए और फिर शॉपिंग में पैसा खर्च किया है। आरोपियों से पैसा बरामद नहीं हुआ है। पूछताछ में आरोपियों ने अपहरण में मिला पैसा खर्च होने की कहानी पुलिस को बताई। कहा कि फरार आरोपियों के पास अभी 4 लाख रुपया बचा है। उनको जल्द गिरफ्तार नहीं किया तो सारा पैसा खर्च हो जाएगा।
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सुनील पाल
- फोटो : इंस्टाग्राम
20 नवंबर को मुश्ताक और दो दिसंबर को सुनील पाल का अपहरण
फर्जी इंवेट कंपनी बनाकर मुंबई के कलाकारों को अगवा कर फिरौती वसूली करने में बिजनौर के आठ बदमाशों के नाम सामने आए है। जिसमें से तीन बदमाश अर्जुन, आजिम और सैफू से पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपियों ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 20 नवंबर को मुश्ताक और दो दिसंबर को सुनील पाल का अपहरण किया है।
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Mushtaq Khan
- फोटो : instagram
चार लाख रुपये की रकम बचना बताया
दोनों से करीब 10 लाख की फिरौती वसूली है। दोनों वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी लवी, अर्जुन सहित अन्य बदमाशों ने जम्मू कश्मीर में वैष्णो देवी के दर्शन किए। बदमाशों ने शॉपिंग भी की और फिर अलग-अलग हो गए। फरार आरोपी कहां है, जिसके बारे में तीनों आरोपी ने जानकारी ना होने की बात कही है। हालांकि अपहरण की चार लाख की रकम फरार आरोपियों के पास बचना बताया है।
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Actor Mushtaq Khan
- फोटो : अमर उजाला
आईएएस अधिकारी को बताया, तब मुश्ताक का मुकदमा लिखा
अभिनेता मुश्ताक खान के अपहरण के मामले में बिजनौर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अपहरण के बाद बदमाश मुश्ताक को बिजनौर लेकर आए। बंधक बनाकर रखा और दो लाख की फिरौती भी वसूली कर ली। अन्य रकम आनी थी, इससे पहले मुश्ताक बदमाशों की चुंगल से छूटकर भाग गए। मुंबई पहुंचने के बाद मुश्ताक ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया। बिजनौर में अपने करीबी को पुलिस के पास भी भेजा, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी।
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काॅमेडियन सुनील पाल
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के आईएएस अधिकारी से मुश्ताक खान ने सुनाई अपहरण की कहानी
घटना के 20 दिन बाद यानी आठ दिसंबर को उत्तर प्रदेश से एक आईएएस अधिकारी अपने निजी काम से मुंबई गए थे। जहां पर मुश्ताक ने आईएएस अधिकारी को अपहरण कांड की कहानी सुना दी। आईएएस ने नगीना एसडीएम से फोन किया और सीओ सिटी बिजनौर से संपर्क साधा। एसपी बिजनौर से आईएएस अधिकारी ने बात की, तब जाकर 9 दिसंबर को बिजनौर में मुश्ताक के अपहरण का मुकदमा हुआ। मुश्ताक के अपहरण में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।