पुलिस कस्टडी से भागा कुख्यात तांत्रिक नजाकत अली उर्फ पप्पू सात साल बाद एसटीएफ मेरठ ने कचहरी के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उसने कई बड़े खुलासे किए। उसने बताया कि कैसे वह नाम बदलकर सात साल तक पुलिस को चकमा देता रहा। कैसे पुलिस से सांठगांठ कर वह आराम की जिंदगी गुजारता रहा।
Arrest: सब्जी बेची, प्रॉपर्टी डीलर से पार्षद बना, सात साल हिंदू बनकर छिपा रहा तांत्रिक, पूछताछ में खोले राज
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ब्रह्मपुरी थानाक्षेत्र के खत्ता रोड पर 2013 में हुए बिलाल हत्याकांड में नजाकत अली मुख्य आरोपी था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्ष 2015 में बंदी के रूप में पेशी के दौरान नजाकत अली पुलिस कस्टडी में कचहरी से फरार हो गया था।
मेरठ पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम रखा था। पुलिस-एसटीएफ ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई भी सुराग नहीं लग रहा था। मंगलवार दोपहर को एक मुखबिर ने एसटीएफ को सूचना दी कि इनामी नजाकत मेरठ में एक रिश्तेदार के यहां पर आ रहा है। इसकी जानकारी पर एसटीएफ ने घेराबंदी कर कचहरी के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक नजाकत ने वर्ष 1998-99 में चौधरी चरण विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद सब्जी मंडी में दो साल तक सब्जी भी बेची थी। नजाकत रसीदनगर में प्राॅपर्टी का काम करने के साथ एक टीवी चैनल से जुड़ गया था। वह 2007 से 2012 तक पार्षद रहा।
वर्ष 2009 में सहकारी बैंक का वाइस चेयरमैन भी बना। इसके बाद अवैध हथियार रखने के आरोप में जेल चला गया। जमानत के बाद साढू सिराज के साथ मिलकर तंत्र क्रिया के नाम पर करोड़ों रुपये ठगे। वर्ष 2007 में ब्रहमपुरी थाने में रामकुमार ने, हरियाणा के हिसार, राजस्थान में मधु अग्रवाल से ठगी करने के मुकदमे भी दर्ज हुए। सिपाही इरफान ने सरकारी कार्य में बाधा का केस दर्ज कराया था।
कुख्यात नजाकत अली उर्फ पप्पू की पुलिस से दोस्ती थी। फरारी के दौरान 2019 में आगरा पुलिस ने उसे पकड़ा था। बाद में 2.50 लाख रुपये लेकर छोड़ दिया। जेल जाने से पहले पूछताछ में नजाकत ने पुलिस के कई कारनामे उजागर किए। एसटीएफ ने उसके बयानों की वीडियोग्राफी की है, जिन पुलिसकर्मियों के नाम नजाकत ने बताए हैं। उनकी जांच होगी।
सात साल से फरार नजाकत अली को एसटीएफ ने मंगलवार को कचहरी के पास से पकड़ा था। वह अपने भाई से मिलने गोल मार्केट साकेत जा रहा था। दो साल से वह दिल्ली के रोहिणी स्थित अनुभव अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदकर रह रहा था। अपने साढू के साथ करोल बाग में एक होटल लीज पर चला रहा था। एसटीएफ की पूछताछ में नजाकत ने बताया कि प्रतापगढ़ में बिलाल हत्याकांड के आरोपियों पर पुलिस की सेटिंग से फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था।
उस मुकदमे में नजाकत से सेटिंग करने वाले दरोगा और इंस्पेक्टर के नाम सामने आए हैं। फरारी के दौरान मदद करने वाले सभी पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की गई है। कार्रवाई के लिए उसे शासन को भेजा जा रहा है। पुलिस नजाकत की संपत्ति की जानकारी जुटा रही है, ताकि गैंगस्टर की कार्रवाई कर संपत्ति को जब्त किया जा सके।