एडीजे कोर्ट संख्या-सात ने कवाल कांड में मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या के केस में सभी सात हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने सभी हत्यारों पर 14 लाख 84 हजार रुपये जुर्माना भी किया है।
पांच साल चली सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायालय संख्या-7 ने शुक्रवार शाम करीब 3.20 बजे बहुप्रतीक्षित कवाल के दोहरे हत्याकांड का फैसला सुनाया। सभी सात हत्यारों को छह फरवरी को दोषी करार दिया था। फैसले को लेकर शुक्रवार को सुबह से भी कचहरी परिसर में भारी भीड़ थी। पूर्वाह्न 11.45 बजे सभी मुजरिम कोर्ट में पेश किए गए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की सजा के प्रश्न पर 18 मिनट बहस चली। तीन घंटे के अंतराल के बाद न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने फैसला सुनाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी, आशीष त्यागी और वादी के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि अदालत ने सचिन और गौरव के हत्या के मामले में सभी सातों हत्यारोपियों मुजस्सिम और उसके भाई मुजम्मिल, फुरकान, जहांगीर और उसके भाई नदीम, अफजाल और उसके भाई इकबाल निवासी कवाल को उम्र कैद की सजा सुनाई है। मुजरिमों पर 14 लाख 84 हजार का अर्थदंड लगाया है, जिसमें प्रत्येक पर अलग-अलग धाराओं में कुल 2.12 लाख का जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से 80 प्रतिशत की राशि मृतकों के परिजनों को अदा करने का आदेश दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी मुजरिमों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।
यह था मामला
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त, 2013 को गौरव और सचिन की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले सचिन और गौरव के साथ हुई मारपीट में घायल शाहनवाज जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसी मामले को लेकर मुजफ्फरनगर में दंगा भड़का था।