मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना के हबीबपुर गांव में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार के मुखिया मजदूर इस्लाम कस्सार के घर 30 सेकेंड के लिए आई मौत ने ऐसा झपट्टा मारा कि हबीबपुर सीकरी गांव में चीख-पुकार मच गई। जिस घर में कुछ ही देर पहले तक बच्चे खाना खाने की तैयारी कर रहे थे, वहां पर मौत का मातम पसर गया। बस्ती में शोर मचा तो पहले ग्रामीण कुछ समझ नहीं पाए। करीब एक घंटे तक सिर्फ घायल होने की जानकारी ही दी जाती रही लेकिन देर रात परिवार के मुखिया और चार बच्चों की मौत से गांव में गम का माहौल बन गया।
प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया कि मजदूर परिवारों ने अपनी पिछली दीवार पक्की की हुई है, जबकि आगे का हिस्सा कच्चा है। रविवार रात बारिश के कारण ईंटों की दीवार गिरने के कारण ही छत गिरी और पूरा परिवार मलबे में दब गया। मोहल्ले के लोगों ने शोर सुना लेकिन एकाएक कुछ समझ नहीं आया। पड़ोसी बाहर निकले तो इस्लाम का मकान गिरा मिला। इसके बाद गांव में शोर मचा, जिसके बाद राहत के लिए लोग पहुंचे।
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मुजफ्फरनगर हादसा।
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अस्पताल पहुंचे राज्यमंत्री अग्रवाल
हादसे की जानकारी मिलने के बाद कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल देर रात स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां पर हादसे में घायल दो बच्चों को भर्ती कराया गया है। अग्रवाल ने बताया कि परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर से बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।
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मुजफ्फरनगर हादसा।
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ग्रामीणों ने यह बताया
बारिश के दौरान उन्हें एकाएक जोर से कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद बस्ती में चीखने की आवाज आई। ग्रामीण मौके की तरफ भागे। राहत कार्य शुरू किया लेकिन करीब आधा घंटा मलबे में दबे परिवार तक पहुंचने में लग गया। ग्रामीण मुजस्सिर ने बताया कि सैकड़ों लोगों ने मलबा हटाने में मदद की है।
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जेसीबी से हटवाया मलबा।
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पड़ोस में गई थी पत्नी और दो बच्चे
हादसे के वक्त इस्लाम की पत्नी जैबून मोहल्ले में ही गई हुई थी। उसके साथ 14 साल की बेटी शहजादी और शुभान भी चला गया। इसी वजह से यह तीनों हादसे की चपेट में आने से बच गए। परिवार में कुल 10 सदस्य थे, इनमें पांच की मौत हो गई और दो घायल है। मां व दो बच्चे सकुशल बच गए।
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मौके पर एकत्र लोग।
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मलबे से निकालककर भिजवाया अस्पताल
ग्रामीणों ने हादसे के बाद हिम्मत का परिचय दिया। मलबे में दबे परिवार को निकालने के लिए पूरा गांव जुटा। जैसे-जैसे सदस्य मिलते गए उन्हें तुरंत ही अस्पताल भिजवाते गए। अलग-अलग सदस्यों को बुढ़ाना भिजवाया गया। यहां से दो घायल बच्चों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने, घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने व पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।