बागपत में बुधवार को हुई वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। शहर के पांडव मार्ग स्थित कब्रिस्तान के बाहर नफीस (33) की चचेरे भाइयों ने ईंट से कूंचकर हत्या कर दी।
नफीस अपनी 80 वर्षीय मां मकसूदी की मौत के बाद जनाजे में शामिल होने सहारनपुर से घर लौटा था। लेकिन उसे अंदेशा था कि उसके परिवार वाले उससे अब भी नाराज हैं। इसलिए वह कब्रिस्तान के अंदर नहीं गया और दूर एक गाड़ी के पीछे छिपकर मां का आखिरी दीदार कर रहा था।
2 of 7
मां के दफीने में आए बेटे की ईंट से कूचकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
छह साल पहले प्रेम में घर छोड़ दिया था नफीस ने
यासीन, जो नफीस का बड़ा भाई है, ने बताया कि छह साल पहले नफीस ने अपने चचेरे भाई शौकीन की पत्नी शब्बो से प्रेम विवाह कर लिया था। दोनों घर छोड़कर सहारनपुर चले गए और वहीं चिलकाना अड्डे के पास एक नर्सरी में काम करने लगे। इस घटना के बाद परिवार में भारी तनाव पैदा हुआ और रिश्ते पूरी तरह टूट गए। उस वक्त पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए थे, लेकिन शब्बो ने शौकीन के पास लौटने से इनकार कर दिया था। तब से नफीस अपने परिवार से कट चुका था।
3 of 7
मां के दफीने में आए बेटे की ईंट से कूचकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
भाइयों ने दी थी धमकी, फिर भी आया मां के जनाजे में
बुधवार सुबह नफीस को सहारनपुर में खबर मिली कि उसकी मां का निधन हो गया है। बेटे का दिल मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने को बेचैन हो उठा। उसने घर फोन किया, लेकिन भाइयों ने साफ कह दिया कि अगर वह आया तो जान से मार दिया जाएगा। इसके बावजूद नफीस खुद को रोक नहीं पाया और दोपहर तक बागपत पहुंच गया।
4 of 7
मां के दफीने में आए बेटे की ईंट से कूचकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
20 मीटर दूर गाड़ी के पीछे छिपा, पर बच नहीं सका
परिजनों के अनुसार नफीस कब्रिस्तान में न जाकर बाहर एक गाड़ी के पीछे खड़ा होकर मां के जनाजे को देख रहा था। तभी शौकीन, उसका बेटा मोहसिन, भाई रहीसू, मुश्तकीम, पिता यामीन और रिश्तेदार शमीम वहां पहुंचे। उन्होंने पहले उसे घेर लिया, फिर अचानक उस पर ईंटों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। नफीस जमीन पर गिर पड़ा और कुछ ही मिनटों में उसकी सांसें थम गईं।
5 of 7
मां के दफीने में आए बेटे की ईंट से कूचकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन नहीं बच सका
गंभीर हालत में परिजन नफीस को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से जैसे ही मौत की पुष्टि हुई, परिवार में कोहराम मच गया। मां का जनाज़ा और बेटे की लाश एक साथ देख परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। पूरे इलाके में मातम पसर गया।