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मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: फोरेंसिक जांच में बड़ा खुलासा, बरामद पिस्टल से नहीं तो कैसे मारा, तस्वीरें

Fri, 21 Sep 2018 01:37 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 21 Sep 2018 01:37 PM IST
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Munna Bajrangi murder case: disclosure in forensic investigation, Munna was not killed by pistol
मुन्ना बजरंगी - फोटो : SELF

पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद बागपत जेल के गटर से बरामद पिस्टल की फोरेंसिक जांच ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फोरेंसिक जांच के मुताबिक जेल के गटर से बरामद पिस्टल से गोली ही नहीं चली, यानि मुन्ना बजरंगी की हत्या किसी दूसरे असलाह से की गई।

Munna Bajrangi murder case: disclosure in forensic investigation, Munna was not killed by pistol
मुन्ना बजरंगी - फोटो : अमर उजाला

पुलिस को करीब 20 दिन पहले फोरेंसिक रिपोर्ट मिली, जिस पर आपत्ति लगाकर दोबारा जांच के लिए भेज दिया गया था। फिलहाल पुलिस कुख्यात सुनील राठी के कुबूलनामे के जाल में उलझकर रह गई।

Munna Bajrangi murder case: disclosure in forensic investigation, Munna was not killed by pistol
Munna Bajrangi - फोटो : अमर उजाला

इसके अलावा जेल से बरामद 10 खोखों की जांच से पता चला है कि ये अलग-अलग असलाह के हैं। ऐसे में हत्या की वारदात में तीन असलाह प्रयोग करने की आशंका जताई जा रही है।

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Munna Bajrangi murder case: disclosure in forensic investigation, Munna was not killed by pistol
माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी - फोटो : file photo

बागपत जेल में नौ जुलाई की सुबह करीब सवा छह बजे मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तत्कालीन जेलर यूपी सिंह ने कुख्यात सुनील राठी को नामजद कराया। राठी ने पुलिस को बताया था कि हत्या के बाद वारदात में प्रयुक्त पिस्टल गटर में फेंक दिया था। करीब 12 घंटे की छानबीन के बाद पुलिस ने पिस्टल बरामद किया था।

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Munna Bajrangi murder case: disclosure in forensic investigation, Munna was not killed by pistol
बागपत जेल - फोटो : self

एसएसआई रजनीश कुमार ने सुनील राठी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया और पिस्टल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो आगरा में जांच के बाद खुलासा हुआ है कि जिस पिस्टल की जांच कराई गई है, उससे गोली ही नहीं चली। इसका सीधा मतलब यही है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या में कोई दूसरा असलाह प्रयोग किया गया। हाईप्रोफाइल हत्या के इस मामले में बड़ी साजिश का अंदेशा है।

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