योगी आदित्यनाथ ने जब से यूपी में मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली तब से अब तक ऐसे कई बड़े कांड हो चुके हैं जिनकी वजह से मौजूदा सरकार को आलोचनाएं और किरकिरी झेलनी पड़ी। वहीं सरकारी कार्यप्रणाली, सुरक्षा व कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर कई बार सवाल खड़े हुए हैं। बुलंदशहर में गोकशी की अफवाह को लेकर हुई हिंसा इसका सबसे ताजा प्रकरण है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ चर्चिंत कांड गिनवा रहे हैं जिन्होंने यूपी सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा किया:-
यूपी के 4 चर्चित बवाल, जिन्होंने योगी सरकार पर ही खड़े किए सवाल
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बुलंदशहर बवाल : इंस्पेक्टर और युवक की मौत
यूपी के बुलंदशहर में गोवंश के अवशेष मिलने पर 3 दिसंबर 2018 को बड़ा बवाल हो गया। इस दौरान लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। वहीं बवाल के दौरान एक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और ग्रामीण युवक सुमित की मौत हो गई। हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर की मौत से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
उधर, बवाल शांत भी नहीं हुआ था कि अब इस मामले के मुख्य आरोपी और बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की एफआईआर पर हंगामा मच गया है। इस बवाल ने सियासी रंग ले लिया है। नेता व राजनेताओं की बयानबाजी शुरू हो गई। लोकसभा चुनाव से पहले ये मामला वर्तमान में गरमाया हुआ है।
मेरठ होटल में दरोगा की पिटाई मामला
19 अक्टूबर 2018 को यूपी के मेरठ में हुआ दरोगा पिटाई प्रकरण भी लखनऊ तक गूंजा। यहां भाजपा पार्षद द्वारा होटल में महिला के साथ खाना खाने आए दरोगा की पिटाई का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। वायरल वीडियो में भाजपा पार्षद दरोगा को थप्पड़ मारता दिखा था।
पार्षद मनीष पंवार भाजपा से जुड़ा था। इसलिए सियासी नजरिए से मामला और अधिक तूल पकड़ गया। लोग पुलिस के समर्थन में उतरे तो वहीं योगी सरकार पर बड़े सवाल खड़े हो गए। पार्षद मनीष पंवार को जेल भेज दिया गया लेकिन, कुछ दिन बाद ही उसे जमानत मिल गई। वहीं यह भी चर्चाएं चलती रहीं कि नेताओं के दबाव में आकर पार्षद को जमानत दे दी गई। इस मामले में दरोगा को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था।
विवेक तिवारी हत्याकांड लखनऊ
29 सितंबर 2018 को पुलिस की मनमानी ओर बर्बरता ने एपल के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की जान ले ली। यूपी की राजधानी लखनऊ में हुए इस चर्चित कांड के बाद जहां पुलिस प्रशासन की खूब किरकिरी हुई। वहीं योगी सरकार भी कठघरे में आ खड़ी हुई।
इस घटना की तफ्तीश के अनुसार देर रात गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों के इशारे पर मैनेजर ने गाड़ी नहीं रोकी तो सिपाही ने उस पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे युवक के सिर में जा लगी और उसकी मौत हो गई। इस कांड ने भी आला अधिकारियों की नींद उड़ा दी। वहीं लोगों ने यूपी की मौजूदा सरकार में पुलिस की कार्रवाई पर जमकर सवाल उठाए। आरोपी सिपाही को जेल भेजे जाने पर पुलिसकर्मियों में काफी रोष नजर आया।
उन्नाव दुष्कर्म मामला
उन्नाव दुष्कर्म मामले ने आला अधिकारियों की नींद उड़ा दी थी। इस मामले में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब दुष्कर्म पीड़िता ने प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया।
इसके बाद मामला तूल पकड़ता गया। इसी दौरान विधायक समर्थकों और पीड़ित परिवार आमने सामने आ गए। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया लेकिन, विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच कुछ दबंगों ने पीड़िता के पिता को अधमरा कर दिया।
उधर, पुलिस ने पीड़िता के पिता को जेल भेज दिया जहां उनकी मौत हो गई। इसके बाद सीएम आवास के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया। यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय रहा। वहीं पुलिस कार्रवाई और सरकारी रवैये की कड़ी निंदा की गई।
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