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एक्सक्लूसिव: पढ़ाई नहीं, व्हाट्सएप ग्रुप पर ज्यादा समय दे रहे शिक्षक और विद्यार्थी, मांगी रिपोर्ट

Mon, 18 Nov 2019 02:24 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शालू अग्रवाल 
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शालू अग्रवाल  Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 18 Nov 2019 02:24 PM IST
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Meerut Teachers and students spending more time on WhatsApp groups not on study
प्रतीकात्मक तस्वीर

मेरठ में व्हाट्सएप का प्रयोग छात्रों को असामाजिक ही नहीं, बल्कि पढ़ाई से भी दूर कर रहा है। बच्चे किताबों पर कम ध्यान दे रहे हैं, जबकि व्हाट्सएप ग्रुप में अधिक समय बिता रहे हैं।

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शिक्षक भी कक्षा में पढ़ाई कराने की जगह व्हाट्सएप ग्रुप में ही होमवर्क की जानकारी दे रहे हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने इसकी शिकायत केंद्रीय विद्यालय संगठन से की है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संगठन उपायुक्त ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को मामले की जांच कर जवाब मांगा है।
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केंद्रीय विद्यालय संगठन की शैक्षिक उपायुक्त इंदु कौशिक ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों व प्रिंसिपलों को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने अभिभावकों द्वारा की गई शिकायतों का हवाला भी दिया है। अभिभावकों की शिकायत है कि केंद्रीय विद्यालयों के छात्र-प्राचार्य के निर्देशानुसार स्मार्ट फोन का प्रयोग करते हैं। 
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छात्रों को स्मार्टफोन पर होमवर्क शेयर किया जाता है। शिक्षकों को जो भी सूचना देनी होती है वो सीधे व्हाट्सएप पर ही दी जाती है। इसके कारण छात्रों का अधिकतम वक्त मोबाइल फोन और व्हाट्सएप के प्रयोग में जाता है। इससे स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। 

Meerut Teachers and students spending more time on WhatsApp groups not on study

उपायुक्त ने प्राचार्य व क्षेत्रीय अधिकारी को अपने स्तर से मामले की जांच के लिए कहा है। संगठन ने क्षेत्रीय कार्यालयों से जवाब मांगा है कि आपके क्षेत्र में कितने केंद्रीय विद्यालय संचालित है। कितने स्कूलों में व्हाट्सएप ग्रुप का प्रयोग हो रहा है। 

स्मार्ट फोन का प्रयोग करने से छात्रों पर इसका क्या प्रभाव हो रहा है। अभिभावकों की व्हाट्सएप समूहों के प्रयोग पर क्या टिप्पणी है सभी बिंदुओं पर सूचनाएं दें। शहर में तीन केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस, सिख लाइंस व पंजाब लाइंस हैं। मेरठ के तीनों केंद्रीय विद्यालय आगरा रीजन में हैं। 

पीटीएम में मांगी जानकारी 
शनिवार को केंद्रीय विद्यालय पंजाब लाइंस में पीटीएम थी। इसमें अभिभावकों से बच्चे के बारे में जानकारी मांगी गई थी। एक कॉलम में पूछा गया था कि क्या टीचर व्हाट्सएप पर होमवर्क देते हैं, आपका बच्चा स्मार्टफोन का यूज करता है या नहीं। अगर करता है तो उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है या उसे पढ़ाई में फायदा हो रहा है। 

प्रमुख बिंदु
देश में केंद्रीय विद्यालयों के 25 रीजन है, इसमें 1,236 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग 12 लाख के करीब छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। शिक्षकों की संख्या लगभग 54 हजार हैं। 

देते हैं विशेष सूचना

छात्रों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप बने हैं, उन पर केवल आकस्मिक अवकाशों की सूचना और विशेष सूचनाएं ही दी जाती हैं। यह व्हाट्सएप ग्रुप भी अभिभावकों के मोबाइल नंबर से जुड़े हैं न कि छात्रों के मोबाइल नंबर से हैं। -नवल सिंह प्रिंसिपल केवी सिख लाइंस
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