मेरठ में एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ फिर से बड़ा एक्शन लेते हुए कठौर कार्रवाई की है। एसएसपी ने भ्रष्टाचार जांच में दोषी पाए जाने पर किठौर थाने पर कार्रवाई करते हुए किठौर व शाहजहांपुर चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जिसके बाद थाने में तैनात पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
मेरठ में बड़ी कार्रवाई : भ्रष्टाचार में लिप्त दो दरोगा सस्पेंड, पांच पुलिसकर्मियों पर पहले गिर चुकी है गाज
अभी अन्य दरोगाओं पर भी हो सकती है जांच
पुलिस सूत्रो के अनुसार अभी कई और दरोगाओ की जांच चल रही है। बताया जाता है कि दो माह पूर्व बौंद्रा में हुए मर्डर के मामले में दोषियों को बचाने और आरोपियो से साठगांठ कर निर्दोषों के नाम आगे बढ़ाने के मामले की जांच सीओ दौराला को सौपी गई है। उक्त मामले में एसएसपी को लेन-देने की पूरी जानकारी तथ्यों के साथ दी अधिकारियों को सौंपी जा चुकी है।
घटना के होता है बडा खेल
बता दें कि मेरठ जिले का किठौर थाना अक्सर चर्चा में रहता है, लेकिन लोगों की शिकायत के बाद भी यहां कोई कार्रवाई नही की जाती, जिससे अपराधियो के हौसले बुलंद रहते हैं।
अपराधियो के सांठगांठ जगजाहिर, फिर भी नहीं हुई थी कार्रवाई
कुछ दिन पहले ही थाने के पुलिस कर्मी की मोबाइल रिकॉर्डिंग वायरल होने बाद अपराधियों और अवैध कारोबारियों का साथ देने का मामला सामने आया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया गया कि आवाज उठाने पर थाना प्रभारी ने उल्टा दरोगा का ही तबादला करा दिया।
75 लाइन हाजिर, जिनमें किठौर रहे थे ज्यादातर पुलिसकर्मी
हाल ही में एसएसपी की गोपनीय रिपोर्ट में 75 पुलिस कर्मी लाइन हाजिर किए गए थे, इनमें करीब 20 प्रतिशत पुलिस कर्मी किठौर थाने में तैनात रह चुके थे। खास बात यह है की उक्त पुलिसकर्मी सेटिंग कर किठौर थाने के आसपास ही अपनी तैनाती पंसद करते थे ताकि माफियाओ से संपर्क बना रहे।