भावनपुर थाना पुलिस चार दिन बाद भी मोहित हत्याकांड नहीं खोल नहीं पाई। वहीं पुलिस पर मोहित के छोटे भाई सनी को हत्या कबूलने के लिए थर्ड डिग्री देने के आरोप हैं। परिजनों ने सोमवार को थाने में जमकर हंगामा किया। लेकिन पुलिस ने परिजनों को धमकाकर थाने से खदेड़ दिया।
बड़े भाई की हत्या, छोटे को थर्ड डिग्री, आरोप कबूलवाने को पुलिस ने थाने में दी यातनाएं
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रविवार शाम को भावनपुर पुलिस अरुण के घर पहुंची और मोहित के छोटे भाई सनी शर्मा (18) को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस ने परिवार के लोगों से कहा कि पूछताछ के बाद छोड़ देंगे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने सनी को बेरहमी से पीटा और यातनाएं दीं। सनी अपने आपको निर्दोष बताता रहा। लेकिन पुलिस सनी पर दबाव बनाती रही कि मोहित की हत्या घर में हुई थी।
मोहित की हत्या को कबूल कर, नहीं तो थाने से छोड़ा नहीं जाएगा। सोमवार को परिजन और अन्य लोगों ने थाना भावनपुर पहुंचकर सनी को छोड़ने की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। थाने में धरना देने की बात कही। सूचना पर सीओ सदर देहात थाने पहुंचे। लेकिन परिजनों ने हंगामा जारी रखा। सीओ ने उन्हें शांत कराते हुए कहा कि अभी पूछताछ की जा रही है। बाद में पुलिस ने परिजनों को धमकाते हुए थाने से खदेड़ दिया।
बहन मुझे जमकर पीटा
सनी अपनी रिश्ते की बहन शालू के सामने बिलख पड़ा। कहा कि पुलिस ने रात भर मुझे पीटा। मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया कि मैं बता भी नहीं सकता। मैं हाथ जोड़ता रहा और पुलिसकर्मी मुझे पीटते रहे। एसओ भावनपुर का कहना है कि मोहित की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। लेकिन डॉक्टरों ने दम घुटने से मौत होना बताया था।
कमिश्नरी में चला था धरना
ढाई माह पहले पिलखुवा थाना पुलिस की कस्टडी में लाखन गांव निवासी प्रदीप की मौत हो गई थी। पुलिस ने प्रदीप के 14 साल के बेटे को भी पीटा था। जिस पर हापुड़ से मेरठ तक बखेड़ा हुआ था। कमिश्नरी में धरना प्रदर्शन हुआ था। बाद में पिलखुवा के इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों को मुकदमा दर्ज कर सस्पेंड किया गया था।
आरोप गलत हैं
मोहित का शव अपने ही घर में मिला था। पुलिस उसके छोटे भाई को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का आरोप गलत है। साक्ष्य के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। -अखिलेश भदौरिया, सीओ सदर देहात