मेरठ में रविवार रात साढ़े 10 बजे एक बार फिर जागृति विहार सेक्टर आठ में तेंदुआ देखा गया। तेंदुआ सीसीटीवी फुटेज में नजर आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। तेंदुआ देखे जाने से एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। लक्ष्मी विहार, कीर्ति पैलेस समेत कई कालोनियों में लोग पहरा दे रहे हैं। वहीं, वन विभाग की टीम एक बार फिर अलर्ट हो गई है।
तेंदुए का खौफ: कई कॉलोनियों में बढ़ी सुरक्षा, सैर पर भी नहीं गए लोग, तलाश में लगी विशेषज्ञों की टीम
कीर्ति पैलेस कॉलोनी में लोगों ने रातभर अपने घरों और मंदिर की लाइटें जलाए रखीं। शुक्रवार रात डेढ़ बजे कीर्ति पैलेस कॉलोनी के सामने नाले किनारे तेंदुआ दिखाई दिया था। शनिवार सुबह कॉलोनी के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। चौकी पुलिस ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने आसपास की कॉलोनियों समेत जागृति विहार और एक्सटेंशन में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन तेंदुए का कहीं पता नहीं लगा। रविवार रात को फिर तेंदुआ सीसीटीवी में केद हुआ, तेंदुए के खौफ से लोग सुबह सैर पर नहीं निकले।
सिक्योरिटी गार्ड और लोगों ने शिफ्टों में दी ड्यूटी
कीर्ति पैलेस व लक्ष्मी विहार कॉलोनी में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। सभी सिक्योरिटी गार्डों को लाठी-डंडे सौंप दिए गए हैं। उन्हें अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। दोनों कॉलोनी के लोगों ने भी सिक्योरिटी गार्ड के साथ शिफ्टों में रातभर ड्यूटी दी। मेडिकल पुलिस भी रातभर अलर्ट रही और गश्त करती रही।
तेंदुए की तलाश में लगी विशेषज्ञों की टीम
जागृति विहार के कीर्ति पैलेस में तेंदुुआ दिखाई दिए जाने के बाद दूसरे दिन रविवार को भी वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में छानबीन की। जागृति विहार एक्सटेंशन के पास के गांवों में मुनादी कराई गई। ग्रामीणों से अपील की गई कि अगर कोई वन्य जीव दिखाई दे तो इसकी सूचना वन विभाग को दें। लोगों से रात में घर से बाहर न निकलने की अपील की गई।
शुक्रवार रात डेढ़ बजे कीर्ति पैलेस के गार्ड रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ कैद हुआ था। रविवार को वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह के नेतृत्व में टीम ने काली नदी के पास व नाले किनारे स्थित गांवों में छानबीन की। लेकिन कोई निशान नहीं मिला।
मुनादी कराई, ग्रामीणों से की पूछताछ
वन विभाग की टीम ने रविवार को सराय काजी, घोसीपुर, हाजीपुर समेत कई गांवों में छानबीन की। लोगों से अपील की गई कि अगर तेंदुए जैसा कोई भी वन्य जीव दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस व वन विभाग को दें। रात में घरों से बाहर न निकलें। खेतों में कई लोग एक साथ जाएं।