यूपी के बुलंदशहर में आयोजित तीन दिवसीय इज्तमा में जाने वालों की रविवार को मेरठ में भारी भीड़ जुटी रही। सिर पर सुन्नत मानी जाने वाली सफेद टोपी पहने हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सिटी स्टेशन पर पहुंच गए। दीनी तालीम लेने का जुनून और देशभाक्ति का दिल में जज्बा लिए लोग किसी भी तरह विशाल इज्तमा में शामिल होना चाहते थे। आलम ये था कि लोगों ने ट्रेन की छत पर सफर करने से भी गुरेज नहीं किया।
आगे तस्वीरों में देखिए आखिर दिन भर कैसा रहा स्टेशन का नजारा:-
इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर पैसेंजर में चार कोच अतिरिक्त लगाकर ट्रेन को दो घंटे देरी से रवाना किया गया। नौचंदी और संगम एक्सप्रेस में भी भारी भीड़ रही। रोडवेज बसों में भी लोगों की भीड़ रही। जाम में फंसने से बसों को वापस लौटने में देरी हुई। शाम को सोहराबगेट बस अड्डा खाली पड़ा रहा।
बुलंदशहर में पिछले दो दिन से मुस्लिम समाज का तब्लीगी इज्तमा चल रहा है। इज्तमा में प्रदेश भर के मुस्लिम समाज के लोग भारी संख्या में उमड़ रहे हैं। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत और मेरठ के लोग सिटी स्टेशन से ट्रेनों के द्वारा बुलंदशहर रवाना हो रहे हैं। रविवार को भी सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली से पहुंचने वाले सिटी स्टेशन पर उतरे।
बता दें कि यहां से पौने ग्यारह बजे खुर्जा रवाना होने वाली मेरठ-खुर्जा पैसेंजर ट्रेन एक मिनट के अंदर पूरी तरह पैक हो गई। ट्रेन से ज्यादा यात्री स्टेशन पर बच गए तो लोगों ने स्टेशन मास्टर बालेश्वर का घेराव कर पैसेंजर में अतिरिक्त कोच लगाने की मांग की। बालेश्वर ने उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी। वहां से निर्देश मिलने के बाद ट्रेन में दो कोच लगाए गए लेकिन इनसे बात नहीं बनी। लोगों ने दोबारा हंगामा करना शुरू कर दिया।
इसके बाद दो और कोच बढ़ाए गए। इस पूरी प्रक्रिया में करीब दो घंटे लग गए। पैसेंजर को पौने ग्यारह बजे की बजाय दोपहर करीब पौने एक बजे रवाना किया जा सका। इसके बाद खुर्जा जाने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनों का भी यही हाल रहा। शाम को इलाहाबाद जाने वाली संगम और नौचंदी एक्सप्रेस में भी भारी भीड़ बुलंदशहर के लिए रवाना हुई। लोग रिजर्वेशन वाले डिब्बों में चढ़ गए। पुलिस के दखल के बाद ही वे बाहर निकले।