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दरोगा से मंत्री तक का सफर: 1987 के दंगों में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी, फिर बढ़ता गया रुतबा, दिलचस्प है मंत्री एसपी बघेल का राजनीतिक कॅरियर

Thu, 08 Jul 2021 12:49 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 08 Jul 2021 12:49 PM IST
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Meerut News: Read full story of political career of Union Minister of State SP Baghel
एसपी सिंह बघेल। - फोटो : amar ujala

केंद्रीय मंत्रिमंडल में बुधवार को शपथ लेने वाले डॉ. एसपी बघेल मेरठ कॉलेज के छात्र रहे हैं। आगरा कॉलेज में प्रोफेसर बनने से पहले डॉ. एसपी बघेल यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। वह मेरठ में एलआईयू में तैनात रहे। मेरठ कॉलेज में उनका आना-जाना रहा। 



डॉ. राजकुमार सांगवान बताते हैं कि मेरठ कॉलेज में छात्र राजनीति के दौरान उनसे मुलाकात होती थी। वह दोस्त बन गए थे। उन्होंने नौकरी में रहते हुए एलएलबी और फिर मेरठ कॉलेज के डिफेंस स्ट्डीज विभाग से पीएचडी की। उनके गुरु डॉ. सोमनाथ मिश्रा रहे। बाद में वह यूपी पुलिस की नौकरी छोड़कर आगरा में प्रोफेसर हो गए। 

कैसे पहुंचे दरोगा से मंत्री तक 
बताया जाता है कि 1982-83 में एसपी सिंह बघेल समेत कुछ युवाओं की उत्तर प्रदेश में नौकरी लगी थी। उन्होंने मुरादाबाद में सब इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग ली। इसके बाद 31 दिसंबर 1983 को मुरादाबाद में पासिंग आउट परेड हुई। वहीं 16 जनवरी 1984 को बघेल को पहली तैनाती मेरठ में मिली। खास बात यह है कि उन्हें सबसे वीआईपी थाना सिविल लाइन की जिम्मेदारी मिली थी। यही नहीं इस दौरान एसपी बघेल का दबदबा बढ़ता चला गया। 1987 के दंगों की जांच की कमान भी बघेल को सौंपी गई। बताया गया कि जब उन्हें मेरठ से तीन महीने की स्पेशल ड्यूटी के लिए लखनऊ भेजा गया तो वहां उनकी ड्यूटी मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगा दी गई। बस फिर यहीं से उनके राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत हो गई।

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केंद्रीय कानून राज्यमंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला

आगरा से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह बघेल यानी प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कानून राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने मुलायम सिंह यादव से नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल तक का सफर पूरा किया है। केंद्रीय मंत्री बनने में उनका अनुभव काम आया। वह पांच बार सांसद और यूपी कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। एसपी सिंह बघेल के राजनीतिक सफर की कहानी रोचक और दिलचस्प है। 

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मंत्री पद की शपथ लेते आगरा के सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला

सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के भटपुरा के मूल निवासी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात रहे बघेल 1989 में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सुरक्षा में शामिल हो गए। बघेल से प्रभावित मुलायम सिंह यादव ने उनको जलेसर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर 1998 में पहली बार उतारा था। 

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मंत्री पद की शपथ लेते आगरा के सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला

एसपी सिंह बघेल ने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज की। उसके बाद दो बार सांसद चुने गए। 2010 में बसपा ने उन्हें राज्यसभा में भेजा। साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी। 2014 में फिरोजाबाद लोकसभा से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े, लेकिन चुनाव हार गए थे।

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भाजपा सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला

2014 में मिली हार के बाद एसपी सिंह बघेल ने राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली। इसके बाद भाजपा पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। विधानसभा चुनाव 2017 में टूंडला सुरक्षित सीट से भाजपा विधायक बने। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में शामिल किया गया। उन्होंने पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य विभाग संभाला।

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