मेरठ में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत का मामला अब तूल पकड़ रहा है। दो प्रधान प्रत्याशियों को जेल भेजकर पुलिस उनके समर्थकों की तलाश में दबिश दे रही है। उन्होंने ही शराब उपलब्ध कराई थी। खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर शासन ने संज्ञान ले लिया है। पुलिस और प्रशासन अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की रिपोर्ट मांग ली।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
इंचौली थाना क्षेत्र के साधारण पुर गांव में 25 अप्रैल को प्रधान प्रत्याशियों द्वारा बांटी गई जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत हो गई। पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग में इस मामले में लीपापोती कर दी। किसी भी व्यक्ति का पोस्टमार्टम नहीं कराया और उनका अंतिम संस्कार करा दिया। यह मामला लखनऊ तक गूंजा है। 10 लोगों की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की है, इसकी रिपोर्ट लखनऊ ने मांग ली है। बताया गया कि खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद लखनऊ में बैठे अधिकारियों ने इस प्रकरण पर संज्ञान लिया है।
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गमजदा परिजन।
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एक ही गांव में 10 लोगों की जहरीली शराब से मौत होना चिंताजनक है। अधिकारियों ने अपनी लापरवाही छुपाने के लिए दो प्रधान प्रत्याशी संजय और महाराज को जेल भेज दिया है। वहीं, हलका इंचार्ज सुधीर सोढ़ी, बीट कांस्टेबल अंकित पांचाल को सस्पेंड कर दिया। बड़ा सवाल है कि पूरे प्रकरण में लापरवाही का जिम्मेदार कौन है। अधिकारियों ने इस पर अभी चुप्पी साधी है।
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मामले की जानकारी देते ग्रामीण।
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इंचौली थाना पुलिस ने प्रधान प्रत्याशियों के समर्थकों की भी तलाश शुरू कर दी। बताया गया है कि समर्थकों ने ही जहरीली शराब प्रधान प्रत्याशियों को उपलब्ध कराई थी। प्रधान प्रत्याशियों द्वारा बांटी गई जहरीली शराब किस किस ने दी इसको लेकर पुलिस भी जांच कर रही है।
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ग्रामीणों ने दी मामले की पूरी जानकारी।
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वहीं, इस घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं कि कहीं इस शराब से उनकी भी तबीयत खराब ना हो जाए। बताया गया है कि अभी पांच लोगों की तबीयत ठीक नहीं है। जिनका इलाज चल रहा है। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि पुलिस की ओर से हत्या का मुकदमा तीनों प्रधान प्रत्याशियों के खिलाफ दर्ज हो गया है। दो प्रत्याशी जेल भेजे गए हैं। पुलिस की अभी जांच पड़ताल चल रही है। जो भी आरोपी होंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।