मेरठ में बागपत रोड पर बदमाशों ने सुभारती यूनिवर्सिटी के कार्यालय अधीक्षक की शनिवार शाम को पीट-पीटकर हत्या कर दी। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर बदमाश आसानी से फरार हो गए। पुलिस ने रविवार को हालांकि पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए।
अधीकक्षक मर्डर: तमंचे से नहीं चली गोली तो सड़क से उखाड़ीं ईंटें, किए ताबड़तोड़ वार, इसलिए की हत्या
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ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पंजाया गली नंबर छह निवासी संजय गौतम (45) पुत्र कृष्ण कुमार सुभारती यूनिवर्सिटी में विज्ञान विभाग कार्यालय में अधीक्षक थे। शनिवार शाम पांच बजे संजय विवि से बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बागपत रोड स्थित सीमेंट गोदाम के पास तीन बाइकों पर सवार नौ बदमाशों ने उनको घेर लिया।
तमंचे से नहीं चली गोली तो डिवाइडर से उखाड़ी ईंटे
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बदमाशों ने पहले उन्हें गोली मारने की कोशिश की। लेकिन तमंचे से गोली नहीं चली। संजय ने पूरे माजरे को भांपते हुए शोर मचाया और अपने हेलमेट से बदमाशों पर प्रहार करते हुए भागने लगे लेकिन बदमाशों ने उन्हें घेरकर जमीन पर गिरा लिया और फिर नजदीक बने डिवाइडर से ईंट उखाड़ी और सड़क पर ही विवि के अधीक्षकर संजय को पीट पीटकर मार डाला।
तमाशबीन बनी रही भीड़
घटनास्थल के पास ही कृष्णा ढाबा है, जहां के कर्मचारी और वहां से गुजरते लोग वहां पहुंचे। लोगों ने विरोध जताने की कोशिश की तो बदमाशों ने लोगों को तमंचा दिखाकर गोली मारने की धमकी दी, जिस पर लोग पीछे हट गए। बदमाश बदला लेने की बात कहकर बाइकों से वहां से फरार हो गए। एसओ टीपीनगर दिनेश चंद मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पुलिस आरोपियों की तलाश में देर रात से ही दबिश दे रही थी। रविवार सुबह पांच अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में घटना का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में प्राथमिक कारण मात्र इतना पता चला है कि विनीत ने इन सभी से कहा था कि एक व्यक्ति सुभारती यूनिवर्सिटी का है, जिसने फीस ले ली है, उसको सबक सिखाना है।