मेरठ में हिस्ट्रीशीटर राहुल काला की पुलिस से दोस्ती उजागर होने के बाद भी अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। शायद यही वजह है कि राहुल काला पर पुलिस की ढीली कार्रवाई होती है। मुठभेड़ में गोली लगी, गिरफ्तारी हुई और ढाई महीने में ही जमानत भी हो गई। जेल से छूटते ही फिर धंधा बरकरार कर लिया।
हिस्ट्रीशीटर राहुल काला और पुलिस की दोस्ती में छिपा बड़ा राज, धड़ल्ले से कट रहे चोरी के वाहन, तस्वीरें
सोतीगंज के हिस्ट्रीशीटर राहुल काला की दोस्ती पुलिस से है। 17 जुलाई को अमर उजाला ने राहुल काला और पुलिसकर्मियों की पोल खोली थी। इस मामले में एडीजी और आईजी ने जांच बैठाई थी। वांटेड के साथ पुलिस की दोस्ती को लेकर काफी किरकिरी हुई थी। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई। दोनों अधिकारियों ने पुलिस पर दबाव डाला तो फौरी तौर पर कार्रवाई हो गई। 21 जुलाई को परतापुर थाना पुलिस ने राहुल काला को मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तार किया था।
राहुल काला पर मजबूत कार्रवाई नहीं हुई और वह ढाई महीने में ही जमानत पर बाहर आ गया। जेल से छूटने के बाद राहुल काला ने फिर से सोतीगंज में चोरी और लूट के वाहन काटने शुरू कर दिए। कई दिनों से उसके गोदाम पर चोरी की बाइक काटी जा रही थी।
पुलिसकर्मियों से दोस्ती बरकरार
राहुल काला के दोस्त पुलिस वाले हैं। अधिकारी भी जानते हैं कि परतापुर में 21 जुलाई को काला से कैसी मुठभेड़ हुई। उसके खिलाफ कितनी मजबूत कार्रवाई की गई। पुलिस वालों ने दोस्ती बरकरार रखने के लिए शुक्रवार को भी राहुल काला को बचा लिया। ऐसे में सवाल उठता है कि अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की। चर्चा है कि उक्त पुलिसकर्मी एक अधिकारी के चहेते हैं। इस बात की जानकारी उच्च अधिकारियों को है।
138 सीसीटीवी कैमरों में ‘कैद’ सोतीगंज
सोतीगंज में चोरी व लूट के वाहनों का कटान रोकने में पुलिस फेल साबित हो रही है। पुलिस के दावे भी हवाई हो गए। 138 सीसीटीवी कैमरों में ‘कैद’ सोतीगंज में चोरी के वाहन कट रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने सोतीगंज में छापा मारकर मेरठ पुलिस के तमाम दावों की पोल खोल दी है। दो दिन पहले भी दिल्ली से बाइक चोरी कर सोतीगंज में बेची गई। इससे पहले लगातार दिल्ली-एनसीआर से बाइक चोरी करके मेरठ में बेचने का सिलसिला चल रहा है। सवाल मेरठ पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहा है कि आखिर सोतीगंज में चोरी के वाहन कैसे काटे जा रहे हैं।