मेरठ के सोतीगंज के कबाड़ी गल्ला के बाद अब हाजी इकबाल के कारनामे उजागर हो रहे हैं। आरोप है कि इकबाल ने सोतीगंज में 5 करोड़ रुपये की कीमत की वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। शनिवार को वक्फ बोर्ड ने इसकी शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने गैंगस्टर के तहत इस संपत्ति को जब्त करने की तैयार कर ली है।
शातिर कबाड़ी हाजी इकबाल द्वारा अवैध तरीके से कब्जाई गई संपत्ति सोतीगंज स्थित गुरुद्वारा रोड पर मिली है। यहां पर इकबाल चोरी के वाहन काटता और गाड़ियां में इंजन-चेसिस नंबर बदलने का धंधा करता था। वक्फ बोर्ड की शिकायत पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
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सोतीगंज
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का दावा है कि इकबाल की पांच करोड़ की इस संपत्ति को जब्त करने के लिए दस्तावेज तैयार हैं। इससे पहले भी पुलिस इकबाल की 10 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। एएसपी कैंट सूरज राय का कहना है कि इकबाल का नेटवर्क भी दूसरे जिलों तक फैला हुआ है। लखनऊ में चोरी की 500 गाड़ियां पुलिस ने बरामद की थीं। इनमें इकबाल के बेटे अफजाल, अबरार का नाम भी सामने आया था।
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सोतीगंज मेरठ।
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उत्तराखंड में भी बताई जा रही रही जमीन : सोतीगंज के कबाड़ियों के पंजाब के अलावा उत्तराखंड में भी जमीन बताई गई है। जहां पर करोड़ों की जमीन होनी बताई जा रही है। कबाड़ियों के दूसरे राज्यों में होटल और अन्य कारोबार भी चला रखा है।
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सोतीगंज
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18 कबाड़ियों की संपत्ति खंगाल रही पुलिस
लूट-चोरी के वाहन काटने वाले सोतीगंज के हाजी गल्ला सहित 18 कबाड़ियों की संपत्ति का रिकॉर्ड पुलिस खंगाल रही है। बैंक खातों से लेकर संपत्ति की जानकारी लेने के लिए अब पुलिस के साथ जीएसटी की टीम भी लगी है। पुलिस का दावा कि 18 कबाड़ियों ने गिरोह बनाकर कई राज्यों में नेटवर्क फैलाया है। सोतीगंज के कबाड़ियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने तैयारी कर ली। गल्ला, इकबाल, जिशान उर्फ पव्वा, मन्नू उर्फ मईनुद्दीन, गद्दू और राहुल काला सहित अन्य कबाड़ियों को चिह्नित किया है। पुलिस का कहना है कि 300 कबाड़ियों की फाइल तैयार की है। गल्ला की 100 करोड की संपत्ति पंजाब में मिली है, इसे जब्त करने की भी तैयारी की जा रही है।
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सोतीगंज
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फर्जी दस्तावेजों पर कराया था बैनामा
हाजी गल्ला ने अवैध तरीके से कैंट में जमीन पर कब्जा कैसे कर लिया, इसकी जांच भी पुलिस कर रही है। बताया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेजों पर बैनामा कराकर यह कब्जा किया गया। इस मामले में रक्षा संपदा अधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराया है। यहां गोदाम बनाया और आसपास की जमीन पर कब्जा कर लिया। जमीन का बैनामा तो फर्जी दस्तावेजों पर कर लिया गया, लेकिन लिखापढ़ी में यह जमीन अभी तक दूसरों के नाम है। पुलिस इसी गोलमाल की जांच कर रही है।