अतिक्रमण करने वालों, सट्टेबाजों और हथियार तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने वाली बेटी ने तीन साल तक सरकारी दफ्तरों के खूब चक्कर काटे। जब वह अधिकारियों के पास जाते-जाते थक गईं तो उसने सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की। लेकिन उसे हर जगह शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन मिला। इसके बाद युवती ने आक्रोश में आकर आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। युवती ने पुलिस-प्रशासन पर आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पूरी तरह टूट चुकीं पीड़िता ने शुक्रवार दोपहर में खुद को आग लगा ली। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
युवती ने चेतावनी दी थी कि अगर 16 जुलाई को दोपहर एक बजे तक गांव में कोई अधिकारी उससे बात करने नहीं पहुंचा तो वह आत्मदाह कर लेगी। आत्मदाह की सूचना मिलने पर अधिकारियों ने गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी। वहीं दोपहर एक बजे तक किसी भी अधिकारी के नहीं पहुंचने से नाराज युवती ने खुद को आग लगा ली। युवती का कहना था कि अगर एक घंटे बाद दोपहर दो बजे तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो वह पूरे शरीर में आग लगाकर आत्मदाह कर लेगी। लेकिन दो बजे तक भी अधिकारी नहीं पहुंचे। इसके बाद युवती ने मकान का दरवाजा खोल दिया और पुलिस के सामने रोने लगी। युवती ने रोते हुए पुलिस से कहा कि किसी भी अधिकारी को बुला दीजिए। फिर करीब तीन बजे एसडीएम सदर और सीओ मौके पर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित युवती को समझाकर शांत किया। एसडीएम ने युवती को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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मेरठ के फफूंडा गांव का मामला।
- फोटो : amar ujala
ये था पूरा मामला
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव फफूंडा निवासी युवती ने पुलिस प्रशासन से परेशान होकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। युवती का आरोप है कि वह तीन साल से गांव में अतिक्रमण करने वालों, सट्टेबाजों और अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए कई बार शिकायत कर चुकी है। सभी साक्ष्य होने के बाद भी पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है। उल्टा उस पर दबाव बनाने के लिए गांव में आरोपियों के साथ साठगांठ कर पंचायत कराई।
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मेरठ के फफूंडा गांव में युवती ने खुद को लगाई आग।
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बता दें कि बीते सोमवार को गांव में प्राचीन शिव मंदिर परिसर में पुलिस की मौजूदगी में पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों ने युवती पूनम शर्मा पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। कई ग्रामीणों ने पुलिस को तहरीर भी दी। वहीं पूनम शर्मा का कहना था कि गांव में 12 बीघा तालाब का अस्तित्व समाप्त कर लोगों ने घर बना रखे हैं। इस अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री तक से शिकायत की। लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जान से मारने की धमकी देते हुए घर पर लगे कैमरों में आग लगा दी गई। जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा गलत रिपोर्ट देकर कार्रवाई को दबाया जा रहा है।
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मेरठ के फफूंडा गांव का मामला।
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युवती ने आरोप लगाया था कि अतिक्रमण करने वाले और सट्टेबाजों ने लोगों को एकत्र कर उसके खिलाफ साजिश रची है। उसे झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश रहे हैं। वायरल वीडियो में पुलिस पंचायत के दौरान लोगों की शिकायतें सुन रही है, जबकि थाना प्रभारी पंचायत से इनकार कर रहे हैं। युवती का आरोप है कि तालाब पर बने मकानों के ध्वस्तीकरण के लिए एक वर्ष से पत्रावली चली हुई है। लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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मेरठ के फफूंडा गांव में पुलिस फोर्स तैनात
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अब एसडीएम सदर और सीओ किठौर ने इस मामले में पीड़ित युवती को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एसडीएम का कहना है कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।