नवाजिश और तारीक ने सन् 2007 में हजरतगंज इलाके में ''मौत का अलाया अपार्टमेंट'' तैयार कराया था। दोनों भाइयों ने यजदानी ग्रुप को एग्रीमेंट किया था।
लखनऊ पुलिस से जानकारी जुटाने के बाद मेरठ पुलिस ने भी दोनों भाइयों की कुंडली खंगाली। उसके आधार पर ही पुलिस द्वारा दोनों भाइयों को आरोपी बनाया है।
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लखनऊ में गिरी पांच मंजिला इमारत
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को जमीन से जुड़े एग्रीमेंट पुलिस ने बरामद किए हैं, जिसमें एग्रीमेंट से पहले खाली प्लॉट में खड़े नवाजिश व तारीक के फोटो मिले हैं। इस फोटो को पुलिस ने मुख्य आधार बनाया है। बिल्डर के साथ हुई डीलिंग की पड़ताल करने में पुलिस जुटी है।
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मलबे से लोगों को बाहर निकालता बचाव दल
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का दावा है कि 2007 में एग्रीमेंट कराने के बाद बिल्डर ने अपार्टमेंट बनाया था। नवाजिश और तारीक का अपार्टमेंट निर्माण में पूरा हस्तक्षेप था। बेचे गए हर फ्लैट की रजिस्ट्री दोनों भाइयों ने लखनऊ पहुंचकर कराई। पुलिस ने जमीन से जुड़े सारे दस्तावेज जुटाकर नवाजिश, तारीक और बिल्डर को नामजद आरोपी बनाया है।
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घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के साथ अब मेरठ पुलिस भी नामजद दोनों भाइयों के खिलाफ सबूत जुटाने में लगी है।
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एसएसपी रोहित सिंह सजवाण
- फोटो : amar ujala
मेरठ पुलिस द्वारा सपा विधायक शाहिद मंजूर को कोई नोटिस नहीं दिया गया। लखनऊ पुलिस मामले की जांच करने में जुटी है। नवाजिश को हिरासत में लेकर लखनऊ भेज दिया गया है। लखनऊ पुलिस का सहयोग स्थानीय पुलिस द्वारा किया जाएगा। सभी बिंदु पर पुलिस जांच करने में लगी है। सामान्य स्थिति है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी