हाईकोर्ट बेंच पर यूपी सरकार के रुख से अधिवक्ता नाराज हैं। उन्होंने मंगलवार को आमसभा कर कई बड़े फैसले लेने की बात कही। अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर सोमवार को सुभारती के पास आरएएफ सेंटर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला।
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कचहरी में एकत्र अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ताओं ने बताया कि करीब 20 मिनट चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच को सरकार स्थापित नहीं करा सकती। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर करने की सलाह दी। कहा कि जिस प्रकार सेंट्रल मार्केट के प्रकरण को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निस्तारित किया जा रहा है, उसी प्रकार हाईकोर्ट बेंच का प्रकरण भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ही निस्तारित किया जा सकता है।
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कचहरी के बाहर हंगामा करते वकील।
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केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन अनुज कुमार शर्मा और संयोजक परवेज आलम ने कहा कि इससे अधिवक्ता नाराज हैं। कचहरी में सभी भाजपा जनप्रतिनिधियों के प्रवेश को रोके जाने सहित अन्य निर्णय लिए जाने पर विचार किया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 22 जिलों के बार एसोसिएशन को इससे अवगत कराया जाएगा। साथ ही मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सहारनपुर में काले झंडे दिखाये जाने की बात भी कही गई। अधिवक्ताओं ने बताया कि हाई कोर्ट बेंच के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष बात रखी गई, तब भाजपा के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी वहां मौजूद थे। लेकिन किसी ने भी बेंच के लिए अधिवक्ताओं का समर्थन नहीं किया।
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वकीलों को रोकने का प्रयास करती पुलिस।
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मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा, महामंत्री परवेज आलम, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार, महामंत्री प्रशांत गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र धामा, पूर्व महामंत्री प्रबोध कुमार शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता जबर सिंह, विरेंद्र सिरोही, सतीश कुमार राजवाल आदि शामिल रहे।
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पुलिस और वकील उलझे।
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अधिवक्ताओं ने कचहरी में घूमकर बेंच के समर्थन में की नारेबाजी, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ता सुबह से ही मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी में लगे थे लेकिन करीब आठ बजे कचहरी में मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री को पुलिस ने उनके चैंबर में ही रोक दिया गया। सुबह करीब 10 बजे काफी संख्या में अधिवक्ता वहां पहुंचे तो पुलिस अफसर वहां से चले गए। इसके बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की अगुवाई में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने कचहरी में घूमकर बेंच के समर्थन में नारेबाजी की।