Karwa Chauth Pooja time 2025: शुक्रवार को करवाचौथ का पर्व शुभ योग में मनाया जाएगा। चंद्रमा वृषभ राशि में लाभ की चौघड़िया में रात 8:25 मिनट पर उदित होगा। इस संयोग में करवा माता की आराधना करने से वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं समाप्त होंगी। रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।
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आबूलेन पर लगवाई मेंहदी।
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इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस दिन सूर्योदय सुबह 06 बजकर 18 मिनट पर होगा। महिलाएं इससे 2 घंटे पहले सरगी खा सकती हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार इस दिन व्यतीपात योग, कृत्तिका नक्षत्र शाम 05:32 तक, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र है। चंद्रमा वृषभ राशि में मौजूद रहेंगे।
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मेंहदी से सज गए हाथ।
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ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि इस योग में कोई भी शुभ कार्य और पूजा अर्चना करना सर्वोत्तम मना जाता है। 10 अक्तूबर को चंद्रमा अपनी राशि बदलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। वृषभ राशि चंद्रमा की उच्च राशि मानी जाती है। इसका अर्थ है कि यहां चंद्रमा अत्यंत बलवान और शुभ फल देने वाला हो जाता है।
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सजना के नाम की लगवाई मेंहदी।
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आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि करवाचौथ के दिन सूर्य कन्या में रहते हुए चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं। यह ऊर्जा, साहस और पराक्रम के कारक हैं। सूर्य और चंद्रमा का यह शक्तिशाली और समन्वित परिवर्तन कुछ राशियों अकस्मात धनलाभ, कॅरिअर में अभूतपूर्व तरक्की और सौभाग्य के द्वार खोलने वाला सिद्ध हो सकता है।
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खूब रची मेंहदी।
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व्रती महिलाएं सूर्योदय से पहले उठ जाएं। सरगी के रूप में मिला हुआ भोजन करें। पानी पीएं और भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें। करवाचौथ में महिलाएं पूरे दिन जल अन्न कुछ ग्रहण नहीं करतीं। फिर शाम के समय चांद को देखने के बाद दर्शन कर व्रत खोलती हैं।