मेरठ के परीक्षितगढ़ में दुर्वेशपुर गांव में सिरफिरे आशिक किरणपाल (45) ने शुक्रवार की सुबह छह बजे प्रेमिका मिथलेश (44) की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। किरणपाल उसके शव से लिपटकर रोया और फिर अपनी कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। शाम के समय गांव के श्मशान में दोनों की चिता भी एक ही समय में जली। दोनों के पांच-पांच बच्चे हैं।
Murder And suicide: साथ जिए, साथ मरेंगे कहकर तमंचे से प्रेमिका पर दाग दीं चार गोलियां, एकसाथ जली दोनों की चिताएं
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किरणपाल और मिथलेश का प्रेम प्रसंग 10 वर्ष से चल रहा था। दोनों के बीच कई दिन से अनबन थी। पुलिस का कहना है कि मिथलेश ने कई दिन से बात करनी बंद कर दी थी जिसके बाद ही किरणपाल ने हत्या की योजना बनाई। वारदात के बाद उसने भी खुदकुशी कर ली। शुक्रवार सुबह छह बजे जब किरणपाल ने मिथलेश को रास्ते में रोका तो उस वक्त आसपास कुछ लोग भी थे। बताया गया है कि किरणपाल ने मिथलेश से कहा कि तू मुझे छोड़ नहीं सकती। साथ जिए हैं तो मरेंगे भी साथ।
वह कुछ समझ पाती इससे पहले ही किरणपाल ने तमंचा निकालकर चार गोलियां मिथलेश पर दाग दीं पहली गोली लगते ही वह जमीन पर गिर गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब मिथलेश ने दम तोड़ दिया तो किरणपाल उसके शव से लिपटकर रोया और फिर खुद को भी गोली मार ली।
मिथलेश की दो बेटियां और किरणपाल का बेटा शादीशुदा
पुलिस ने बताया कि दोनों की प्रेम कहानी का पता परिवार के लोगों को भी था। इसको लेकर किरणपाल का कई बार उसके बेटों से झगड़ा भी हुआ। दोनों परिवार के लोगों में कई बार विवाद भी हुआ। इसके बावजूद दोनों का मिलना-जुलना बंद नहीं हुआ। दोनों के प्रेम की चर्चा ग्रामीणों में होने लगी थी। मिथलेश की दो बेटियों की शादी हो चुकी है। वहीं किरणपाल का बेटा भी विवाहित है।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मिथलेश की तीन बेटियां और दो बेटे हैं। वहीं किरणपाल के तीन बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों परिवार के लोगों ने पहले एक दूसरे पर आरोप लगाए और वह चुप हो गए है। गांव में सुरक्षा के मददेनजर पुलिस तैनात कर दी है।