मेरठ के की युवती को अगवा कर धर्म परिवर्तन के मामले में छह साल बाद सिविल लाइन पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की है। युवती के परिजनों ने एसएसपी आफिस पर हंगामा किया और अनहोनी की आशंका जताते हुए बहन की बरामदगी की गुहार लगाई।
UP: कैसे एक पढ़ी-लिखी HR बनी धर्मांतरण गिरोह का शिकार, छांगुर के गुर्गे बदर की तलाश तेज, हुए कई बड़े खुलासे
नोएडा के न्यूज चैनल में एचआर की पोस्ट पर काम करने वाली युवती के भाई ने दावा किया है कि उसकी बहन बदर सिद्दीकी के संपर्क में आकर धर्म परिवर्तन कर चुकी थी और अब वर्षों से लापता है। वहीं आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए पिता पुत्र की तलाश तेज कर दी है।
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सिविल लाइन क्षेत्र निवासी यह युवती नोएडा के एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल में HR के पद पर कार्यरत थी और परिवार की उम्मीदों का सहारा थी।
सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन उनकी जिंदगी ने तब करवट ली जब वह किदवईनगर इस्लामाबाद थाना लिसाड़ी गेट निवासी बदर अख्तर सिद्दीकी के संपर्क में आई। परिवार को भनक भी नहीं लगी कि उनकी बेटी एक ऐसे जाल में फंस रही है, जिससे वो अब तक नहीं निकल सकी है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी युवक अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि उसकी बहन की मुलाकात किदवईनगर इस्लामाबाद थाना लिसाड़ी गेट निवासी एलआईसी एजेंट महमूद अख्तर सिद्दीकी से हुई थी।
युवती के कागजात भी बीमा कराने के लिए महमूद अख्तर सिद्दीकी ने लिए थे। इसके बाद से युवती के पास महमूद अख्तर सिद्दीकी के बेटे बदर अख्तर सिद्दीकी के कॉल आने शुरू हो गए। वह खुद को जिम ट्रेनर बताता था। दोनों में प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। बदर ने युवती के परिवार की मर्जी के खिलाफ निकाह कर लिया था।
मई 2019 में युवती को कॉल मां के पास आया। उसने बदर द्वारा मारपीट करने की बात परिजनों को बताई। आरोपी युवती को जान से मारने की कोशिश भी कर चुका है। बदर ने युवती के सिर पर कांच की बोतल से भी हमला किया था, जिससे वह लहूलुहान हो गई। इसकी फोटो युवती ने अपनी मां के व्हाट्सएप पर भी भेजी थी। मां ने फोन में सभी बातें रिकाॅर्ड की थीं। 22 दिसंबर 2019 को युवती के घर दो युवक आए, जिन्होंने खुद को बजाज फाइनेंस कंपनी से बताया।
उन्होंने बताया कि बेटी ने एलईडी और आईफोन फाइनेंस पर लिया है, लेकिन उसकी किश्त नहीं चुकता की जा रही है। पता नोएडा का बताया गया था। वहां पर युवती नहीं रहती है। वर्ष 2019 में सिविल लाइन थाना के इंस्पेक्टर रहे अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो परिजनों की उम्मीद टूट गई थी।
खुद को बताता था जिम ट्रेनर,
संजय नगर निवासी युवक ने एसएसपी डॉ. विपिन ताडा को बताया कि वर्ष 2009 में मेरठ के एक काॅल सेंटर में उनकी बहन नौकरी करने के दौरान महमूद अख्तर सिद्दीकी और उसके बेटे बदर अख्तर सिद्दीकी के संपर्क में आई थी।
इसके बाद उनकी बहन दिल्ली हाईवे स्थित एक मेडिकल काॅलेज में नौकरी करने लगी, यहां भी वह बदर उसके संपर्क में रहा। वर्ष 2015 में उनकी बहन नोएडा के एक मीडिया ग्रुप में एचआर के पद पर नौकरी कर रही थी। आरोप है कि पहीं पर बदर ने उनकी बहन का अपहरण किया और धर्मांतरण कर निकाह किया।