मेरठ में कैंट स्थित दीवान पब्लिक स्कूल में 10वीं की छात्रा हर्षिता चौधरी ने गुरुवार को जागृति विहार स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद से विद्यालय में शोक की लहर है। हर्षिता का नाम लेते ही उसके शिक्षक और सहपाठी भावुक हो उठे। हर्षिता को वो बेहद याद कर रहे हैं।
हर्षिता की शिक्षिका नम्रता सिंह ने बताया कि शुक्रवार को प्री-बोर्ड परीक्षा में उसकी सीट खाली देख मैं भावुक हो गईं। हर्षिता का स्वभाव खुशनुमा था। स्कूल में आए उसे दूसरा साल चल रहा था, इसलिए अधिक दोस्त नहीं थे। सीमित दोस्तों के साथ ही वह उठ-बैठा करती थी।
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छात्रा का फाइल फोटो और जांच करती पुलिस।
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बताया गया कि पिछले सप्ताह स्कूल में आयोजित एथलेटिक मीट में भाग लेने में सबसे पहला नाम उसी ने दर्ज कराया था। शिक्षिका ने बताया कि बीते दिनों मेरी हर्षिता से पढ़ाई को लेकर बात हुई थी, तब उसने बताया था कि वह परीक्षा की तैयारी में लगी हुई है।
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जांच करती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा की हां ये बात सही है कि पिछले साल और इस साल की फीस का कुछ बकाया था, लेकिन विद्यालय की ओर से केवल फीस जमा करने की सूचना कक्षा के व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दी गई। यहां तक उसके 10वीं बोर्ड परीक्षा की पंजीकरण राशि भी विद्यालय ने स्वयं ही जमा की है।
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मृतक छात्रा का घर।
- फोटो : amar ujala
दोस्तों ने बताया कि हर्षिता ने डिप्रेशन जैसी कोई बात का जिक्र कभी उनसे नहीं किया।
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मेरठ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उतार-चढ़ाव का नाम जिंदगी है
प्रधानाचार्य एके दुबे ने बताया कि घटना से बाकी बच्चों पर कोई असर न हो, इसके लिए विद्यार्थियों की काउंसलिंग की गई। उन्हें बताया गया कि उतार चढ़ाव का नाम ही जिंदगी है। कोई भी परेशानी आए अपने परिवार, दोस्तों या फिर शिक्षकों से जरूर शेयर करें। कक्षा में बच्चों के साथ हर्षिता के लिए दो मिनट का मौन रख उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।