मेरठ में दीपक त्यागी के हत्यारोपियों को पुलिस करीब 90 घंटे से खजूरी, अहमदनगर बढ़ला और आसपास के गांव में ही ढूंढ रही है। सीसीटीवी कैमरे, प्रेम-संबंध और दोस्तों की कुंडली खंगाली जा रही है। कातिल की गिरफ्तारी और कटा हुआ सिर बरामद न होने से पीड़ित परिवार में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
Deepak Murder Case : एक ऐसी वारदात, जिसने छुड़ा दिए अफसरों के पसीने, नहीं मिला कटा हुआ सिर, तलाश जारी
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परीक्षितगढ़ के खजूरी गांव निवासी धीरेंद्र त्यागी उर्फ भगतजी के बेटे दीपक त्यागी के हत्यारों का सुराग नहीं लगा है। दीपक की अंतिम लोकेशन खजूरी के जाटव मोहल्ले में बताई गई। पास के गांव अहमदनगर बढ़ला में एक युवती से उसके प्रेम संबंध बताए गए। उक्त युवती ने बताया कि तीन माह से दीपक से बोलचाल बंद थी। खजूरी और अहमदनगर बढ़ला के 20 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस तीन दिन से पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि दोनों गांव में ही कातिल छुपा हो सकता है।
एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि दीपक का दोनों गांव के कई लोगों से विवाद हुआ है। सभी संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर ली गई है। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस जिस बिंदु पर काम करती है, वह कुछ दूर चलकर बंद हो जाता है। दीपक का कटा हुआ सिर ढूंढना भी पुलिस के सामने चुनौती बना हुआ है।
नंगला गांव पहुंची पुलिस
भावनपुर के गांव नंगला में भी पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि दीपक के मोबाइल की सीडीआर में कई महिलाओं के नंबर मिले हैं। उक्त महिलाओं से भी पूछताछ की गई। सर्विलांस, एसओजी और थाना पुलिस कातिलों का पता लगाने में लगी हैं।
दीपक के कपड़े भी बदले गए
धीरेंद्र त्यागी ने बताया कि बेटे ने घर से जाने से पहले पीले रंग की शर्ट और जींस पहनी थी। हत्या से पहले उसके कपड़े बदले गए हैं। इस बिंदु पर भी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। दीपक के हाथ में लंगूर ने काट लिया था। उसको 52 टांके आए थे। उसी चोट से शव की पहचान की गई।