शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के 661/6 कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण की टीस अभी भी व्यापारियों और उनके परिवारों में जिंदा है। शुक्रवार को पीड़ित व्यापारी फिर से टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान महिलाओं ने मौके पर पहुंचे नेताओं पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
महिलाओं ने कहा कि उनकी दुकानें ढहा दी गईं, जीवनभर की कमाई चली गई, लेकिन जब वे रो रही थीं तब कोई जनप्रतिनिधि उनके साथ नहीं खड़ा हुआ। आरोप लगाया गया कि वही नेता बाद में दुकानें खुलवाकर मिठाई खा रहे थे।
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जमींदोज हुआ कॉम्प्लेक्स।
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और असर
25 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 661/6 कॉम्प्लेक्स को दो दिन तक चली कार्रवाई में जमींदोज कर दिया गया। इसके साथ ही आवास एवं विकास परिषद ने बाजार में 31 और प्लॉट्स के ध्वस्तीकरण के नोटिस भी लगाए हैं। व्यापारियों के मुताबिक 35 साल की दुकानदारी एक झटके में खत्म हो गई।
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अवैध कॉम्प्लेक्स जमींदोज।
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मलबे का ढेर और बढ़ती पीड़ा
ध्वस्तीकरण के बाद 20 फुट ऊंचा मलबा अब भी वहीं पड़ा है। कमिश्नर ने अस्थायी दुकानें लगाने की बात कही थी, लेकिन मलबा हटे बिना यह संभव नहीं है। व्यापारी कहते हैं कि 450 वर्ग मीटर जगह में 22 दुकानों की व्यवस्था कैसे होगी, इसका कोई स्पष्ट प्लान नहीं दिया गया है।
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मौके पर मौजूद भाजपा नेता विनीत शारदा
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नेताओं के आश्वासन पर सवाल
मंगलवार को सांसद अरुण गोविल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल और महापौर हरिकांत अहलूवालिया मौके पर पहुंचकर दुकानें खुलवाने की अपील कर चुके हैं। लेकिन व्यापारियों का कहना है कि बाजार खुलवाने से पहले उनका नुकसान भरने की बात होनी चाहिए थी।
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सेंट्रल मार्केट में धरने पर पहुंचीं महिलाएं
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'हमें बली का बकरा बनाया गया'-महिलाएं
धरने में पहुंचीं महिलाओं ने भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक विनीत शारदा के सामने कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने आवास विकास अधिकारियों पर मोटी रिश्वत लेकर अवैध शोरूम संचालित कराने का आरोप भी लगाया।