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नीला ड्रम हत्याकांड: सजा पर फैसले से पहले कचहरी में हलचल, वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी मुस्कान और साहिल की पेशी

Wed, 14 Oct 2026 11:54 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 14 Oct 2026 11:54 AM IST
सार

सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल की सजा पर आज फैसला सुनाया जाना है। जिला जज की अदालत के बाहर हलचल बढ़ी, मीडियाकर्मियों की भीड़ जुट गई है। मोबाइल लोकेशन, सीडीआर, सीसीटीवी और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने केस में अहम भूमिका निभाई।

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Meerut Blue Drum Murder Case: Muskan and Sahil to Appear via Video Conferencing as Court Announces Sentence
सौरभ हत्याकांड, साहिल-मुस्कान - फोटो : अमर उजाला

देशभर में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तौगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला की सजा पर आज फैसला सुनाया जाना है। फैसले से पहले जिला जज की अदालत के बाहर हलचल बढ़ गई है। कचहरी में मीडियाकर्मियों की भीड़ जुटने लगी है। दोनों दोषियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराए जाने की जानकारी सामने आई है।





पति सौरभ की हत्या और उसके शव को छिपाने की साजिश ने इस मामले को बेहद चर्चित बना दिया था। पुलिस जांच में सामने आए घटनाक्रम और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ी। अब सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं।

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Meerut Blue Drum Murder Case: Muskan and Sahil to Appear via Video Conferencing as Court Announces Sentence
मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पुलिस को गुमराह करने की कोशिश, जांच में खुलीं परतें
इस मामले की जांच करने वाले निरीक्षक रमाकांत पचौरी ने बताया कि सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान और साहिल ने पुलिस को गुमराह करने और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की थी। हालांकि, जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों की कड़ियों ने पूरे घटनाक्रम को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई।

वारदात के समय रमाकांत पचौरी ब्रह्मपुरी थाने के प्रभारी थे। वर्तमान में वह क्राइम ब्रांच में तैनात हैं। उनके मुताबिक, 18 मार्च को बबलू ने उन्हें सूचना दी थी कि उनका भाई सौरभ लापता है। बबलू ने मुस्कान और साहिल पर सौरभ की हत्या किए जाने का संदेह भी जताया था।

शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मुस्कान और फिर साहिल शुक्ला को उनके घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उन्होंने सौरभ की हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर शव से जुड़े साक्ष्य भी बरामद किए गए।

Meerut Blue Drum Murder Case: Muskan and Sahil to Appear via Video Conferencing as Court Announces Sentence
नीला ड्रम केस, सौरभ हत्याकांड, साहिल मुस्कान केस - फोटो : अमर उजाला

ब्रीफकेस से बेड और फिर नीले ड्रम तक पहुंची जांच
जांच अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया था कि सौरभ के शव के टुकड़े करने के बाद उन्हें एक ब्रीफकेस में रखा गया था। शव रखने के बाद जब ब्रीफकेस उठाया गया तो उसका हुक टूट गया। इसके बाद शव को बेड में रख दिया गया। बाद में शव को नीले ड्रम में छिपाने की साजिश रची गई।

इसी घटनाक्रम के कारण यह मामला नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित हुआ। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के बयानों, बरामदगी और दूसरे साक्ष्यों को जोड़ते हुए घटनाक्रम की कड़ियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया।

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नीला ड्रम केस, सौरभ हत्याकांड, साहिल मुस्कान केस - फोटो : अमर उजाला

मुस्कान के एक बयान से गहराया पुलिस का शक
रमाकांत पचौरी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मुस्कान ने अचानक कहा कि सौरभ को उन्होंने नहीं मारा, बल्कि उसके घरवालों ने उसकी हत्या की है। इस बयान ने पुलिस का शक गहरा दिया।

पुलिस के सामने उस समय सौरभ के लापता होने का मामला था। ऐसे में मुस्कान का यह कहना कि सौरभ की हत्या उसके घरवालों ने की है, जांच अधिकारियों के लिए अहम संकेत बन गया। पुलिस को लगा कि मुस्कान को सौरभ की हत्या की जानकारी है। इसके बाद उससे और साहिल से गहन पूछताछ की गई, जिसमें मामले की परतें खुलती चली गईं।

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आरोपी साहिल और मुस्कान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चश्मदीद नहीं, इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्य बने अहम आधार
इस मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। ऐसे में पुलिस के सामने वारदात से जुड़े साक्ष्यों को एक-दूसरे से जोड़कर मजबूत अभियोजन तैयार करने की चुनौती थी। जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, मामले में गवाहों के बयानों के साथ इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ना महत्वपूर्ण रहा।

मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, होटल के रजिस्टर और फॉरेंसिक रिपोर्ट जैसे साक्ष्यों ने अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं साक्ष्यों को अदालत के सामने सिलसिलेवार ढंग से पेश किया गया।

अब सौरभ हत्याकांड में दोषी ठहराए जा चुके मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला की सजा पर अदालत के फैसले का इंतजार है। फैसले से पहले मेरठ कचहरी में हलचल तेज है और मीडिया की निगाहें जिला जज की अदालत पर टिकी हुई हैं।
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