ढाई साल के मासूम को तो यह भी नहीं पता कि उसके पिता कितने बहादुर सिपाही थे। जब भी छुट्टी मनाने आते तो नन्हे मासूम को खिलौने दिलाते थे। लेकिन परिवार पर गम का ऐसा पहाड़ टूटा कि अब नन्हे मासूम को खिलौने दिलाने वाले पिता घर नहीं लौटेंगे। अब कौन दिलाएगा ढाई साल के आरव को खिलौने:-
जांबाज पिता हो गए शहीद... अब नन्हे आरव को कौन दिलाएगा खिलौने, घर के इकलौते चिराग थे अजय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Tue, 19 Feb 2019 03:47 PM IST
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