मेरठ में पुलिस से पूछताछ के दौरान आरोपी ने कहा कि मैंने ही छात्रा को बस में गोली मारी थी। उसने छात्रा की हत्या के इरादे से ऐसा किया था। इस घटना पर मुझे कोई पछतावा नहीं है। आत्मसमर्पण करते समय आरोपी के चेहरे पर न तो पुलिस का भय था और न ही घटना का कोई भी पछतावा।
Meerut Firing Case: चेहरे पर नहीं कोई पछतावा, 15 साल की उम्र में कर डाली ऐसी वारदात, हर कोई हैरान
सीओ मवाना आशीष वर्मा ने बताया कि आरोपी ने तमंचा कहां से लिया, इसकी जांच की जा रही है। आरोपी के चेहरे पर घटना का पछतावा भी नहीं दिखा है।
आत्मसमर्पण को लेकर उठे सवाल
पहले पुलिस की ओर से फलावदा चौराहे से आरोपी को पकड़ने की चर्चा थी। इसके बाद बताया गया कि एसएसपी ऑफिस पर आत्मसमर्पण किया गया है। इसे लेकर सवाल उठते रहे। यह भी चर्चा रही कि भाजपा के एक नेता के माध्यम से आरोपी ने एक पुलिस अधिकारी के यहां आत्मसमर्पण किया।
गांव में युवक से खरीदा था तमंचा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि गांव के एक युवक से तीन हजार रुपये में तमंचा लिया गया था। पुलिस अब तमंचा देने वाले की तलाश भी कर रही है।
ये बोले मनोचिकित्सक...
किशोर अवस्था में शरीर के साथ ही मनोवृत्ति में कई तरह के परिवर्तन होते हैं। इसलिए किशोरों के स्वभाव में अचानक चिड़चिड़ापन, गुस्सा, अकेलापन जैसे लक्षण नजर आए तो उन सतर्क हो जाएं। इस अवस्था में किशोरों पर नियमित नजर रखी जाए। इस उम्र में अच्छे और बुरे की समझ विकसित नहीं होती है। जरूरत हो तो मनोचिकित्सक से परामर्श भी लेना चाहिए। - डॉ. तरुण पाल, मनोचिकित्सक