मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हाईवे के नजदीक इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दिनदहाड़े हत्या: क्या हाल पहलवान...., और घेर कर युवक पर दनादन बरसा दीं गोलियां
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हमलावरों ने कुलदीप को पहले सकौती बुलाया था। कुलदीप जब सकौती पहुंचा तो उसे फोन कर मंदारीपुर मार्ग पर आने को कहा गया। जिसके बाद कुलदीप और उसका दोस्त सुधांशु बाइक से वहां पहुंचे तो अजित नाम का शख्स पहले से खड़ा था।
बाइक से उतरते ही उसने कुलदीप को कहा कि क्या हाल है पहलवान? कुलदीप ने कहा कि सही हूं भाई, तू सुना। इस बीच दो युवक ईख के खेत से निकले। दोनों के चेहरों पर नकाब थे। उन्होंने कुलदीप पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। कुलदीप ने कहा भाग प्रिंस जल्दी भाग। प्रिंस तो भाग निकला। लेकिन कुलदीप को घेरकर गोलियां बरसाकर मार डाला गया।
पुलिस के अनुसार कुलदीप की हत्या का राज उसके मोबाइल फोन में छिपा है। वारदात से पूर्व कुलदीप के व्हाट्स एप पर कोई संदेश या फोटो भेजा गया था। मौका-ए-वारदात पर कुलदीप के साथ मौजूद रहे उसके दोस्त सुधांशु उर्फ प्रिंस से सीओ दौराला संजीव दीक्षित ने कई बिंदुओं पर पूछताछ की। पूछताछ में वह उलझ गया। जिस पर पुलिस ने कुलदीप और सुधांशु के मोबाइल फोन जांच के लिए कब्जे में ले लिए।
... मेरे लाल ने किसका क्या बिगाड़ा था
कुलदीप की हत्या की जानकारी उसके परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे और कुलदीप का शव देखकर फूट फूटकर रोने लगे। पिता प्रमोद ने इस दौरान कहा कि अभी तो घर पर ही था, सकौती को कहकर गया था और जिंदगी भर का गम देकर चला गया।
आखिर मेरे लाल ने क्या बिगाड़ा था, किसी का जो खून से लथपथ पड़ा है। प्रमोद ने बताया कि कुलदीप ने पिछले वर्ष ही नीलकंठ इंस्टीट्यूट से बीटेक फाइनल की थी। इस समय दिल्ली पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था। वहीं, प्रिंस बीबीए कर रहा है।
भाड़े के शूटरों ने की घटना
पुलिस के अनुसार हमला करने वाले दोनों युवक भाड़े के शूटर थे। कुलदीप ही उनके निशाने पर था। तभी उसे घेरकर गोलियां मारी थीं। वारदात के बाद हत्यारे बाइक से फरार हुए थे। कुलदीप को चार गोलियां लगी थीं। सिर ओर कमर से खून इतना ज्यादा निकल रहा था कि अस्पताल में भी फर्श पर खून ही खून पड़ा था।