बागपत के बड़ौत में आन की खातिर बागपत में फिर अपने का खून बहाया गया। यहां नई बस्ती इलाके में चचेरे भाई ने बहन और उसके प्रेमी की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने पांच राउंड गोली चलाई।
चचेरी बहन की हत्या: आबिद के सिर पर सवार था खून, जो सामने आया उसी पर तान दिया तमंचा
नई बस्ती की रहने वाली आसमां उर्फ आसमीन (47) का निकाह 12 साल पहले मुजफ्फरनगर के भौरा कलां थाना क्षेत्र के गांव सावटू नंगला निवासी सरफराज के साथ हुआ था। पति से विवाद के बाद इन दिनों आसमां नई बस्ती में ही किराए का मकान लेकर रह रही थी।
महिला के चचेरे भाई आबिद को शक था कि आसमां का मोहल्ले के ही रिक्शा चालक गफ्फार के साथ संबंध हैं। इसकी वजह से वह आसमां से नाराज था। कई बार वह आसमां के साथ टोकाटाकी भी कर चुका था। इस मंजर को जिसने भी देखा वह यही कहता रहा कि आरोपी के सिर पर खून सवार था। आगे जानें आखिर कैसे चचेरा भाई बन गया बहन और उसके प्रेमी का हत्यारा: -
मंगलवार रात करीब नौ बजे आबिद ने आसमां के घर में गफ्फार को बैठे हुए देख लिया। गुस्साए आबिद ने आसमां की तीन गोली मारकर हत्या कर दी। बीचबचाव में आए गफ्फार पर फायरिंग की।
इसमें एक गोली गफ्फार के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर वारदात के बाद मौके से तमंचा लहराते हुए फरार हो गया। सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाहा और कोतवाली प्रभारी आरके सिंह मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने गफ्फार को सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। कोतवाली प्रभारी आर के सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह दिल्ली में उपचार के दौरान गफ्फार की मौत हो गई। उधर वारदात के बाद भाग रहे आबिद की बिजरौल रेलवे अंडरपास के निकट पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
आरोपी ने पुलिस पर गोली चलाई। गोली दरोगा नाजिम को लगी, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वह बच गए। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक गोली आबिद के पैर में लगी, जिससे वह गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।