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महमूद गजनवी ने शुरू करवाया था मेरठ की जामा मस्जिद का निर्माण, सैंकड़ों साल पुराना है इतिहास

Mon, 13 May 2019 04:13 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 13 May 2019 04:13 PM IST
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Mahmud Ghajnavi had started the construction of the Jama Masjid of Meerut
जामा मस्जिद मेरठ - फोटो : अमर उजाला

मेरठ कोतवाली क्षेत्र की जामा मस्जिद पुरानी मस्जिदों में शुमार है, जो देश-विदेश में भी प्रसिद्ध है। इसके ऐतिहासिक महत्व को निहारने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं। 


 
Mahmud Ghajnavi had started the construction of the Jama Masjid of Meerut
जामा मस्जिद मेरठ - फोटो : अमर उजाला

कई सौ वर्ग मीटर में फैली जामा मस्जिद आज भी बेहतर स्थिति में है। भारत सरकार इस मस्जिद को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में अपने संरक्षण में लेने के लिए मस्जिद प्रबंधन से कह चुकी है, लेकिन प्रबंधन ने मना कर दिया था। इस मस्जिद का रखरखाव और खर्चा लोगों से चंदा लेकर होता है। 


 
Mahmud Ghajnavi had started the construction of the Jama Masjid of Meerut
जामा मस्जिद मेरठ - फोटो : अमर उजाला

इतिहास की बात करें तो महमूद गजनवी ने मेरठ के इस रकबे पर जामा मस्जिद बनवाने का ऐलान किया था। यह बात सन् 1019 के आसपास की है। वहीं उलेमाओं का मानना है कि करीब 700 साल पहले सुल्तान नासिरुद्दीन ने शाही जामा मस्जिद के रूप में इसका निर्माण शुरू करवाया था। 

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Mahmud Ghajnavi had started the construction of the Jama Masjid of Meerut
जामा मस्जिद मेरठ - फोटो : अमर उजाला

बताया जाता है कि सात सौ साल पहले  यहां सिर्फ  पीछे का ही हिस्सा बना था। यहां की तीन गुंबदें मुगलों के समय की हैं। शाही जामा मस्जिद के मुतवल्ली व शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन ने बताया कि गुंबदों और आगे के हिस्से को छोड़कर अन्य हिस्सों का निर्माण बाद में कराया गया। लोगों की संख्या को देखते हुए ऊपर की बिल्डिंग हाल ही में बनाई गई है। 

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Mahmud Ghajnavi had started the construction of the Jama Masjid of Meerut
जामा मस्जिद मेरठ - फोटो : अमर उजाला

शहर काजी ने बताया कि आजादी के बाद से उनके पिता जैनुल आबिद्दीन शाही जामा मस्जिद के मुतवल्ली और शहरकाजी रहे, जबकि 1991 में पिता की मौत के बाद से ये जिम्मेदारी उनके पास है। रमजान में तरावीह और शबीना के दौरान मस्जिद में रौनक बढ़ जाती है।

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