लॉकडाउन में पुलिस का सख्ती करना तो ठीक है। लेकिन पुलिस नियम तोड़ने वालों के साथ-साथ ऐसे वाहनों पर भी कार्रवाई कर रही है जो न सिर्फ नियम विरुद्ध हैं, बल्कि पुलिस की भूमिका पर भी प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं। सरकारी गाड़ी में सवार सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। वहीं, ई चालान करते समय पुलिस ट्रैफिक नियम तोड़ने की सभी धाराओं में कार्रवाई कर रही है।
कोरोना का पता नहीं पर पुलिस मार डालेगी.., जबरदस्ती चालान, कहीं दुर्व्यवहार की शिकायत, जनता परेशान
- ई चालान काटते समय सभी नियम तोड़ने की लगाई जा रही धारा
- 35 साल के चालक का अंडर एज में काटा चालान
- सीज वाहन थानों में फांकते रहेंगे धूल
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युवक की बाइक सीज
गढ़ रोड निवासी राजू गैस सिलिंडर भरवाने के लिए बाइक से निकला था। तेजगढ़ी चौकी पर मेडिकल पुलिस ने युवक को पहले डंडे से पीटा और उसके बाद बाइक सीज कर दी।
युवक ने कहा कोरोना तो नहीं, पर पुलिस जरूर मार डालेगी। घर में राशन नहीं है, राशन मंगाया तो गैस सिलिंडर खत्म हो गया। अब बाइक सीज कर दी गई।
स्कूटी सवार गिर गया
छिलोरा निवासी मनीषा ने अपने भाई को दवा लेने के लिए भेजा था। जेल चुंगी चौकी पर पुलिस युवकों की पिटाई कर रही थी।
स्कूटी सवार युवक को पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वह स्कूटी से गिर गया। युवक स्कूटी छोड़कर चला गया। बाद में पुलिस ने सभी धाराओं में चालान कर स्कूटी सिविल लाइन थाने भेज दी।
कार सीज, परिवार परेशान
गंगानगर पुलिस ने गंगानगर निवासी सचिन की नई कार का चालान कर दिया। वह मेडिकल स्टोर से दवा लेने निकले थे। मोबाइल पर बात करने में पुलिस ने कार रोकी थी।
पीड़ित का कहना है कि घर में दो बीमार व्यक्ति हैं, न तो अस्पताल तक जाने के लिए कोई वाहन बचा है और न ही अन्य आवश्यक वस्तुओं को लाने के लिए।
लॉकडाउन के चलते जो वाहन सीज हो रहे हैं न तो इन वाहनों के स्वामी आरटीओ से इस समय वाहनों को छुड़ा सकते हैं और न ही कचहरी पहुंचकर वाहन रिलीज करा सकते।
थानों से यदि इन वाहनों के स्पेयर पार्ट्स चोरी हुए तो कौन जिम्मेदार होगा। पूर्व में भी थानों से वाहनों का सामान चोरी होने के आरोप लगते रहे हैं।