मेरठ शहर के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक माने जाने वाले जली कोठी क्षेत्र में कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा है। इस पूरे क्षेत्र को पुलिस ने सील कर दिया है और चारों तरफ सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। कुछ घरों से बाहर निकले तो पुलिस ने सख्ती कर उन्हें खदेड़ दिया। उसके बाद लोगों में खौफ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां अधिकांश लोग घरों से बाहर बैठे नजर आते थे वहां अब दूर- दूर तक पुलिस के अलावा कोई भी नजर नहीं आ रहा है।
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जली कोठी में सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल जली कोठी क्षेत्र की दरी वाली मस्जिद में रुके छह जमातियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद पुलिस ने इस इलाके पर मंडरा रहे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शनिवार को इस हॉटस्पॉट को सील कर दिया था। अब इस इलाके के लोगों में कोरोना का खौफ साफ नजर आ रहा है। रविवार दोपहर को यहां सड़कें सुनसान नजर आईं। चौराहों से लेकर मुख्य मार्ग पर दूर-दूर तक कोई भी नजर नहीं आ रहा था। लोगों में खौफ इस कदर था कि घरों से बाहर आना तो दूर कोई घर की छत पर भी नहीं आया। मुख्य स्थानों पर पुलिस तैनात रही।
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हर तरफ पसरा सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
सोतीगंज भी सुनसान
इस क्षेत्र से ही लगे सोती गंज में भी शनिवार सुबह तक लोग लॉकडाउन के बावजूद घरों के बाहर टहलते नजर आ रहे थे। बच्चे भी सड़क पर खेलते रहते थे, लेकिन अब यहां भी जली कोठी जैसा ही हाल नजर आया। रविवार दिनभर यहां की सड़कें भी सुनसान पड़ीं रहीं। लोग न तो खुद घरों से बाहर निकलें और न ही अपने बच्चों को बाहर आने दिया। इसी तरह दिल्ली रोड पर भी आवाजाही न के बराबर ही रही।
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सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
छतरी वाले पीर से लेकर घंटाघर तक सन्नाटा
जली कोठी क्षेत्र में कोरोना के मरीज मिलने के बाद शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक छतरी वाले पीर से लेकर घंटाघर चौराहा तक लोगों में खौफ नजर आया। लॉकडाउन के बावजूद इस क्षेत्र में लोग घरों के बाहर गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक टहलते रहते थे, लेकिन रविवार को यहां भी सड़क पर कोई नजर नहीं आया। पूरा इलाका दिनभर सुनसान पड़ा रहा। घंटाघर से जिला अस्पताल रोड और देहलीगेट थाना रोड पर भी पूरी तरीके से सन्नाटा पसरा हुआ था।
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पुलिस के सिवा कोई नहीं आया नजर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं छतरी वाले पीर से लेकर खैर नगर चौपला और खैर नगर बाजार की तरफ भी सड़के सुनसान थीं। न वाहनों का आवागमन और न ही घरों के बाहर किसी का निकलना तो दूर कोई झांकता हुआ भी नजर नहीं पड़ा। छतरी वाले पीर से जली कोठी की तरफ जाने वाले इलाके में गलियां भी सुनसान नजर आई।