राजनीतिक करियर: इमरान मसूद ने कब-कब बदली पार्टी, अब कांग्रेस में एंट्री से बदल जाएंगे चुनावी समीकरण
Lok Sabha Election 2023 : इसरान मसूद के राजनीतिक करियर में काफी मोड़ आए हैं। इमरान ने एक बार फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। माना जा रहा है कि इमरान की कांग्रेस में एंट्री होने से चुनावी समीकरण बदल जाएंगे।
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पश्चिमी यूपी की सियासत के कद्दावर नेता माने जाने वाले पूर्व विधायक इमरान मसूद ने आखिरकार अपने राजनीतिक पत्ते खोल दिए। पूर्व विधायक ने स्पष्ट कर दिया कि वह सात अक्तूबर को दिल्ली में जाकर कांग्रेस ज्वॉइन कर लेंगे।
पूर्व विधायक का कहना है कि पहले से ही कांग्रेस में आस्था थी, अब दोबारा से अपने घर वापसी कर रहा हूं। लोकसभा चुनाव में टिकट के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान का जो भी आदेश होगा उसके हिसाब से काम किया जाएगा।
सहारनपुर लोकसभा सीट हो या फिर कैराना और बिजनौर आदेशों का पालन किया जाएगा। दरअसल, करीब डेढ़ माह पहले राहुल गांधी की तारीफ करने पर बसपा से निष्कासन के बाद अटकलों का दौर जारी था कि इमरान मसूद किस पार्टी में जाएंगे। कांग्रेस के अलावा रालोद और अन्य राजनीतिक दल भी इमरान के संपर्क में थे। यह भी संभावना लग रही थी कि इमरान रालोद का दामन थाम सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कांग्रेस में एंट्री से बदलेगा चुनावी समीकरण, होगी कांटे की टक्कर
इमरान मसूद की कांग्रेस में एंट्री के बाद लोकसभा चुनाव का समीकरण भी बदल सकता है। इमरान मसूद की मुस्लिम समाज के वोटरों में काफी अच्छी पकड़ है। कांग्रेस पहले से ही इंडिया गठबंधन में शामिल है। यदि इमरान को लोकसभा चुनाव का टिकट मिलता है तो वह मुस्लिम वोटरों को साधने में कामयाब हो सकते हैं।
इमरान मसूद पहले भी तीन बार सहारनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी थी, लेकिन हर बार चुनाव हिंदू-मुस्लिम हुआ। ऐसे में भाजपा और गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है, जिसमें जीत-हार का अंतर बेहद कम रह सकता है।
कांग्रेस, सपा, बसपा अब फिर कांग्रेस
इमरान मसूद 1987 में राजनीति में आ गए थे। 2001 में पहला चुनाव नगर पालिका सहारनपुर में चेयरमैन के पद पर लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2006 में नगर पालिका के चेयरमैन बने। वह सहारनपुर जिले की मुजफ्फराबाद सीट (अब बेहट सीट) से साल 2007 में निर्दलीय विधायक रहे हैं।
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बताया गया कि इमरान 2013 में कांग्रेस में आ गए थे। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले जनवरी में उन्होंने कांग्रेस को छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। इमरान को यहां पर टिकट नहीं मिला था, जिस पर इमरान ने सपा को अलविदा कहकर बसपा में एंट्री मार दी थी। करीब डेढ़ माह पहले इमरान ने राहुल गांधी की तारीफ कर दी थी। इसके बाद उन्हें बसपा से निष्कासित कर दिया गया था।
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