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Kargil Vijay Day: कारगिल युद्ध का ऐसा इतिहास, जिससे हिल गया था पूरा पाकिस्तान, देश पर कुर्बान हुए थे 572 लाल

Tue, 26 Jul 2022 03:24 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 26 Jul 2022 03:24 PM IST
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Kargil Vijay Diwas: 572 soldiers of the country including five from Meerut were martyred in the Kargil war
कारगिल युद्ध - फोटो : अमर उजाला

हमारे देश के लिए 26 जुलाई वह तारीख है जो हमेशा इतिहास के पन्नों में भारतीय सेना की आन-बान-शान को बयां करती रहेगी। देश पर कुर्बान होने वाले इन वीरों के साहस की कहानियां सुनकर आप भी इन्हें सलाम करेंगे। वो साहस ही था जो आसमान छूती चोटियां भी इनके इरादों को नहीं डिगा पाई थीं। वहीं बड़े-बड़े बमों के धमाकों की आवाज भी इनके कदमों को पीछे नहीं हटा सकी थी। यही नहीं देश प्रेम के सामने परिवार का प्यार कम पड़ गया। आज हम सैल्यूट है ऐसे वीरों की शहादत को जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। 



...जब तिरंगे में लिपटकर आए थे शहीद जवान
ये उस समय की बात है जब सन 1999 में मई महीने में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ गई थी। कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कई किलोमीटर तक कब्जा कर लिया था। पूरे देश में सेना के जवानों-अफसरों की छुट्टियां रद कर दी गई थीं। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जंग शुरू हो गई। पाकिस्तानी सैनिक हजारों मीटर ऊंची पहाड़ की चोटियों पर बैठे थे और भारतीय सेना को आसमान छूते इन पहाड़ों पर चढ़कर दुश्मन को खत्म करना था।

Kargil Vijay Diwas: 572 soldiers of the country including five from Meerut were martyred in the Kargil war
कारगिल युद्ध - फोटो : अमर उजाला

आसान नहीं थी जंग जीतने की लड़ाई
बता दें कि इतने दुर्गम इलाके में यह लड़ाई आसान नहीं थी। वहीं दो महीने तक चले इस भीषण युद्ध में भारतीय सेना ने अपने अद्भुत शौर्य और पराक्रम के चलते कारगिल की चोटियों पर तिरंगा फहरा दिया था। लेकिन देश के लिए मनहूस खबर यह थी कि इस जंग को जीतने में भारतीय सेना ने अपने 572 जवानों को खो दिया था। उस समय देश का ऐसा कोई कोना नहीं बचा था, जहां तिरंगे में लिपटकर जवान का पार्थिव शरीर न आया हो। वहीं इस युद्ध में मेरठ क्रांतिधरा के भी पांच जवान शहीद हो गए थे।

Kargil Vijay Diwas: 572 soldiers of the country including five from Meerut were martyred in the Kargil war
kargil vijaydivas - फोटो : अमर उजाला

हमारे देश में हर साल 26 जुलाई 1999 को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। कारगिल युद्ध करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया। इस जंग में देश ने 527 से ज्यादा वीरों को खोया और 1300 से ज्यादा घायल हुए थे।

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Kargil Vijay Diwas: 572 soldiers of the country including five from Meerut were martyred in the Kargil war
तिरंगा फहराकर शहीद हुए मेजर मनोज तलवार - फोटो : Amar Ujala Meerut

- तीन मई 1999 
एक चरवाहे ने भारतीय सेना को कारगिल में पाकिस्तान सेना द्वारा घुसपैठ कर कब्जा जमा लेने की सूचना दी। 
- पांच मई 
भारतीय सेना की पेट्रोलिंग टीम जानकारी लेने कारगिल पहुंची तो पाकिस्तानी सेना ने उसे पकड़ लिया और पांच जवानों की हत्या कर दी। 
- नौ मई 
पाकिस्तानियों की गोलाबारी से भारतीय सेना का कारगिल स्थित गोला बारूद का स्टोर नष्ट हो गया। 
- 27 मई 
भारतीय सेना ने हमला बोला। 
- 14 जुलाई 
तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ऑपरेशन विजय में जीत की घोषणा की।

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Kargil Vijay Diwas: 572 soldiers of the country including five from Meerut were martyred in the Kargil war
कारगिल युद्ध - फोटो : सोशल मीडिया

मेरठ के इन पांच वीरों ने दी थी शहादत
13 जून 1999 : मेजर मनोज तलवार  और सीएचएम यशवीर सिंह शहीद हुए थे 
3 जुलाई 1999 : नायक जुबैर अहमद हुए थे शहीद 
28 जून 1999 : लांस नायक सत्यपाल सिंह हुए थे शहीद 
5 जुलाई 1999 : ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव शहीद हुए थे 

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