राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का उर्फ रिया (17) हत्याकांड में मेरठ पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। मृतका के पिता नेमपाल ने आरोप लगाया कि अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो उनकी बेटी का शव इस बदतर हालत में न मिलता कि उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो जाए।
परिजनों को 33 दिनों तक चौकी और थाने के चक्कर काटने पड़े। अब पीड़ित परिवार लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपी के एनकाउंटर या फांसी की मांग कर रहा है।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी पहुंचे दौराला क्षेत्र के चिरौड़ी गांव निवासी नेमपाल ने बताया कि 15 अप्रैल की रात से अनुष्का लापता थी। शुरुआत में रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। 28 अप्रैल को लिखित शिकायत देकर फास्टफूड विक्रेता श्याम धानक पर शक जाहिर किया और उसका नंबर भी दिया, जिसके बाद अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई।
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कंकरखेड़ा थाने पर राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का की हत्या के मामले में परिजनों से जानकारी लेते सीओ
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पिता का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को दो बार पकड़कर पूछताछ भी की लेकिन वह हत्या का राज नहीं उगलवा सकी और हर बार आश्वासन देकर टरकाती रही। पिता का कहना है कि अनुष्का कबड्डी खिलाड़ी थी, वह अकेले आरोपी का मुकाबला कर सकती थी।
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अनुष्का की मां से पूछताछ करती पुलिस
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अकेला फास्टफूड विक्रेता उसकी हत्या कर शव को नाले में नहीं फेंक सकता, वारदात में अन्य लोग भी शामिल हैं। परिजनों के मुताबिक, 13 अप्रैल को आरोपी श्याम धानक अनुष्का के किराये के कमरे पर आया था और रुपयों के लेन-देन को लेकर उनका झगड़ा हुआ था। अनुष्का के गायब होने के बाद से ही आरोपी की दुकान भी बंद थी, जिससे शक गहरा गया था।
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अनुष्का की मां
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अवशेष देख बेटी को पहचान नहीं पाई मां
राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का हत्याकांड में एक भावुक कर देने वाला मोड़ सामने आया है। करीब डेढ़ महीने तक नाले में पड़े रहने के कारण अनुष्का का शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका था। मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में शव के अवशेष देखकर अनुष्का की मां ललिता बेटी को पहचान नहीं पाईं। उन्होंने कहा, मेरी बेटी के दाईं आंख के नीचे निशान था, वह जींस नहीं पहनती थी और उसके बाल छोटे थे।
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पोस्टमार्टम हाउस में ग्रामीणों की भीड़
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यह मेरी बेटी का शव नहीं है। हालांकि बाद में पिता नेमपाल ने मौके से बरामद अनुष्का के मोबाइल और जींस से उसकी शिनाख्त की। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम पुलिस बल की मौजूदगी में शव के अवशेषों का पैतृक गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब पुलिस मृतका के डीएनए मिलान की प्रक्रिया पूरी कराएगी।