जेईई एडवांस्ड 2020: परिणाम देख खिल उठे मेधावियों के चेहरे, आईआईटी में पक्की की दावेदारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 06 Oct 2020 05:40 PM IST
छात्र और उनके परिजन
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाई करने के ख्वाब को मेधावियों ने पूरा कर लिया। कोरोना महामारी भी मेधावियों को इंजीनियरिंग की मंजिल से नहीं रोक पाई। सोमवार को आईआईटी दिल्ली ने जेईई एडवांस्ड 2020 का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। परीक्षा में मेरठ के शिवम सिंघल ने ऑल इंडिया में 962वीं रैंक हासिल की है। वहीं अन्य युवाओं ने भी ऑल इंडिया में रैंक लाकर आईआईटी में सीट की दावेदारी पक्की कर ली है...
शिवम सिंघल और उनके परिजन
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इंजीनियरिंग के बाद सिविल सर्विस का लक्ष्य
जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया में 962वीं रैंक लाने वाले शिवम सिंघल बीटेक के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी करेंगे। शिवम कानपुर आईआईटी में इलेक्ट्रिक ब्रांच में प्रवेश लेने के इच्छुक हैं। नेहरू नगर निवासी शिवम के पिता विकास सिंघल पीडब्ल्यूडी में कार्यरत हैं। माता सोनल सिंघल गृहिणी हैं। बड़ी बहन नम्रता सिंघल ने नीट का पेपर दिया है जिसका परिणाम आने वाला है। शिवम ने पहले प्रयास में ही सफलता पा ली है। शिवम ने सेंट जोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं 97.8 प्रतिशत अंकों से पास की है। शिवम के केमेस्ट्री में 79, मैथ्स 74, फिजिक्स 59 अंक आए हैं। वे केवीपीवाई भी क्वालिफाई कर चुके हैं।
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आशीष कुमार व उनके परिजन
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आईएएस बनने का है सपना
केएल इंटरनेशनल के छात्र आशीष कुमार ने 1054वीं रैंक प्राप्त की है। आशीष के पिता जागेश कुमार पीवीवीएनएल में अधिशासी अभियंता हैं और इनका परिवार हाईडिल कॉलोनी में रहता है। आशीष ने पहली बार में ही इतनी अच्छी रैंक प्राप्त कर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। आशीष सिविल या इलेक्ट्रिकल ट्रेड से बीटेक करने के बाद आईएएस बनना चाहते हैं। आशीष ने बताया कि उनकी मम्मी नीरज और पिता जागेश कुमार का भी सपना उन्हें आईएएस बनाने का है। वे इस सपने को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे।
आकर्ष मित्तल और उनके परिजन
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मजाक नहीं, मिसाल बनना था
रामबाग कॉलोनी निवासी आकर्ष मित्तल ने एडवांस्ड में 1153वीं रैंक ली है। आकर्ष की माता इंदु मित्तल गृहिणी और पिता यतिंद्र मोहन मित्तल कारोबारी हैं। दादी शारदा रानी व दादा ब्रजमोहन मित्तल भी पोते के चयन से खुश हैं। आकर्ष कहते हैं कोरोना के कारण तनाव था।मेरा पहला पेपर बहुत अच्छा नहीं हुआ था। पर मैंने सोच लिया था कि मजाक नहीं बनना। फिर जमकर मेहनत की। आकर्ष ने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल की है। उन्होंने दीवान स्कूल से 12वीं की और 97.8 से साइंस स्ट्रीम के टॉपर बने। आकर्ष ने मैथ्स में 79, फिजिक्स में 68, केमेस्ट्री में 58 नंबर पाए हैं।
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माधव गुप्ता और परिजन
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हापुड़ से रोजाना अप-डाउन किया
एडवांस्ड में माधव गुप्ता ने 1191 रैंक ली है। माधव का परिवार मूलत: हापुड़ में रहता है, लेकिन माधव ने सिर्फ जेईई की कोचिंग के लिए रोजाना हापुड़ से मेरठ अपडाउन किया। उन्होंने फिटजी से कोचिंग ली। इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए माधव को रोजाना मेरठ आना होता था, इसलिए उन्होंने अपना स्कूल भी बदल लिया। मेरठ के केएल इंटरनेशनल स्कूल से बारहवीं की और 97.8 प्रतिशत अंक पाए। पहली बार में ही माधव ने जेईई भी क्रैक किया। माधव के पिता विनोद गुप्ता बिजनेसमैन और माता अलका गुप्ता गृहिणी हैं। अब माधव आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स लेने की योजना बना रहे हैं। माधव कहते हैं कोरोना महामारी के कारण तनाव हुआ, आत्मविश्वास डगमगाया मगर उन्होंने फिर भी हार नहीं मानी। माधव के फिजिक्स में 72, केमेस्ट्री में 64 व मैथ्स में 68 नंबर है। कुल अंक 204 हैं।
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