पश्चिमी यूपी के मेरठ समेत कई जिलों में दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश कहर बरपा रही है। बारिश होने से जहां मौसम सुहाना हो गया है तो वहीं लोगों को समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों से भारी जलभराव की तस्वीरें आई हैं। बारिश के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
पश्चिमी यूपी में मानसून ने जाते हुए एक बार फिर से मौसम को बदल दिया है। पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिसका असर मेरठ समेत आसपास के जिलों में भी देखने को मिल रहा है।
2 of 8
बारिश में सड़क का ये हाल।
- फोटो : amar ujala
मेरठ शहर में पटेल मंडप के सामने से जाने वाले रास्ते का खस्ताहाल है। हापुड़ रोड पर नाले के निर्माण को लेकर चारपहिया वाहन प्रतिबंधित है, जिस वजह से ये रोड ही लाइफलाइन बना हुआ है।
3 of 8
दफ्तर का हाल।
- फोटो : amar ujala
भैसाली डिपो की बिल्डिंग का बुरा हाल है और बारिश के चलते छत से पानी भी टपक रहा है। ऐसे में कर्मचारी दहशत के बीच कार्य कर रहे हैं। लेकिन अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
4 of 8
मेरठ में बारिश का कहर।
- फोटो : amar ujala
मेरठ में कई दिन से तेज बारिश होने के कारण कंकरखेड़ा स्थित जटौली गांव तालाब में तब्दील हो गया है। गांव के मुख्य रास्ते में पांच से छह फुट तक पानी भर गया है। मुख्य रास्ते में पानी भरे होने के कारण गांव के लोगों और स्कूल के बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते में पानी भरे होने के कारण गड्ढे भी दिखाई नहीं देते हैं, जिससे टू-व्हीलर वाहन चालक आए दिन इन गड्ढों में गिरकर घायल भी और है। वहीं मुख्य रास्ते में पानी भरे होने के कारण नगर निगम की जेसीबी पानी में तैरती हुई दिखाई दी।
5 of 8
जटौली में जलभराव।
- फोटो : amar ujala
जिटौली के रहने वाले सुभाष ने बताया कि उनका गांव वार्ड-40 में आता है। करीब आठ साल पहले मुख्य रास्ते के पास हाईवे पर गांव के पानी की निकासी के लिए नाला बनाया जा रहा था, यह नाला गांव से लेकर जिटौली फ्लाईओवर के नीचे बनाया जा रहा था। बताया गया कि यह नाला गलत तरीके से बनाया गया, जिस वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाई।
बताया गया कि गांव जाने वाला सारा पानी इस नाले से बह कर वापस गांव में ही भरता है। वहीं बारिश होने पर तो गांव में अधिका पानी भर जाता है, जिससे गांव के लोग काफी परेशान हैं।