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इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे: बेटों से ज्यादा दर्द समझती हैं बेटियां, यकीन नहीं तो पढ़िए जरूर, तस्वीरें

Fri, 11 Oct 2019 01:45 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 11 Oct 2019 01:45 PM IST
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International girl child day 2019, Parents should change their mind and give respect to daughters
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

बेटा ही परिवार की नैय्या पार लगाता है.. यदि बेटा नहीं तो परिवार अधूरा है.. बेटा नहीं तो मां-बाप का बुढ़ापे में ख्याल कौन रखेगा.. इस सोच को अब समाज आइना दिखाने लगा है। बेटियां भी माता-पिता का ख्याल बेटों से ज्यादा रख सकती हैं इस बात को शहर की बेटियों ने साबित कर दिया है। यही वजह है कि दकियानूसी सोच से ऊपर उठकर लोग अब बेटियों की शिक्षा और परवरिश के प्रति सजग हैं। शहर में कई ऐसे परिवार हैं जिन्होंने बेटियों के आने से अपने परिवार को पूरा बनाया। इनका कहना है कि बेटा ही क्यों बेटी भी परिवार का पालन-पोषण अच्छे से कर सकती हैं, बस हमें अपनी सोच बदलनी होगी। आज (11 अक्तूबर) इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे पर ऐसे ही परिवारों की कहानी जो बेटियों के साथ जीवन के हर पल को एक पर्व की तरह मनाते हैं। अगली स्लाइडों में जानिए-

बेटों से ज्यादा दर्द समझती हैं बेटियां

International girl child day 2019, Parents should change their mind and give respect to daughters
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

गार्गी गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल अनुपमा सक्सेना की दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि मेरी बेटियां मुझे ज्यादा समझती हैं। बड़ी बेटी मनस्वी सक्सेना मिरांडा हाउस कॉलेज दिल्ली से पॉलिटिकल साइंस से ऑनर्स करने के बाद अब एमिटी नोएडा से सोशल वर्क में मास्टर्स कर रही है। छोटी बेटी अरुणिमा सक्सेना सुभारती विवि से नेचुरोपैथी में स्नातक कर रही है और योग में स्वर्ण पदक ले चुकी है। दोनों बेटियां जीवन में सफल हो बस यही चाहती हूं।

बेटी के रूप में मिला उपहार

International girl child day 2019, Parents should change their mind and give respect to daughters
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

लाइफ कोच और साइक्लॉजिस्ट डॉ. कशिका जैन व सीए विजित जैन बेटी युविका के माता पिता है। कशिका कहती हैं मेरी हमेशा से तमन्ना थी कि भगवान मुझे एक बेटी दें। इसके लिए मैंने नवरात्र के व्रत भी किए। माता रानी ने मेरी प्रार्थना सुन ली और हमें युविका जैसी प्यारी बेटी उपहार में दी। बेटी टेनिस स्टार है आगे चलकर बेहतरीन खिलाड़ी बनना चाहती है।

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जुड़वां बेटियों का पिता होने का मिला गौरव

International girl child day 2019, Parents should change their mind and give respect to daughters
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

लोग बेटियों को बोझ मानते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है सोच काफी बदल रही है यह कहना है उद्यमी अनिल पुंडीर का। मेजर ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुंडीर दो जुड़वां बेटियों अराध्या पुंडीर और आयुषी पुंडीर के पिता है। दोनों बेटियां सेंट थॉमस स्कूल छीपी टैंक में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। बड़ी बेटी स्कूल में प्रोक्टोरियल बोर्ड की अध्यक्ष है छोटी बेटी हेड गर्ल है। बेटियों से ही घर में खुशियां हैं।

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बेटियों से रोशन घर आंगन

International girl child day 2019, Parents should change their mind and give respect to daughters
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विद्या इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन की एचओडी डॉ. रीमा वार्ष्णेय के दो बेटियां श्रांगी गुप्ता व मानसी गुप्ता है। डॉ. रीमा कहती हैं बेटियों से घर आंगन में खुशियों का आगमन बना रहता है। दोनों बेटियों की आवाजों से घर में ऐसी रौनक रहती है कि कोई परेशानी हो तो कब वक्त कट जाता है पता नहीं चलता। बड़ी बेटी श्रांगी 11वीं कक्षा की छात्रा है छोटी बेटी मानसी सोफिया गर्ल्स स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती है। दोनों बेटियां पिता डॉ. एमएम गुप्ता की जान हैं।

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