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ढीली पड़ी पुलिस की पकड़, पश्चिमी यूपी में लगातार कस्टडी से भाग रहे 'कुख्यात', अब तक ये हुए फरार

Thu, 10 Oct 2019 04:25 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 10 Oct 2019 04:25 PM IST
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Miscreants fleeing from Police custody continuously in West UP
हथकड़ी छोड़कर मस्ती में चला सिपाही - फोटो : अमर उजाला

इसे लापरवाही कहें या सेटिंग। पुलिस कस्टडी से फरार होना बदमाशों के लिए बाएं हाथ का खेल हो गया है। वह जब जहां से चाहें, वहां से फरार हो जाते हैं। इस पर एक-दो दिन तक शोर मचता है और फिर सब सामान्य हो जाता है।



यहां तक कि कुख्यात बदन सिंह 'बद्दो' के पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। इसके बाद भी कई बार बदमाश पुलिस को चकमा देकर कस्टडी से फरार होने में कामयाब हो चुके हैं -


 
Miscreants fleeing from Police custody continuously in West UP
मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला
चर्चा है कि परीक्षितगढ़ थाने से भागे लूट के आरोपी को पूछताछ के लिए लाया गया था। लेकिन उसे थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी हल्के में लिया। हवालात में रखने के बजाय उसे थाना कार्यालय में ही बैठा दिया गया।

इसके बारे में पुलिस अधिकारियों को भी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। क्योंकि बदमाश के थाने के भागने के तीन घंटे बाद तक परीक्षितगढ़ पुलिस अपने स्तर से खोजबीन में लगी थी। लेकिन जब बदमाश के परिजनों से संपर्क किया गया तो इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गई थी। जिसके बाद एसओ परीक्षितगढ़ से अधिकारियों ने इसके बारे में जानकारी मांगी। 

 
Miscreants fleeing from Police custody continuously in West UP
एसएसपी अजय साहनी व आईजी आलोक कुमार - फोटो : अमर उजाला
शातिर है बदमाश, बना चुनौती
थाने से भागा बदमाश बहुत शातिर है। बताया गया कि उसने लूट की कई वारदात की हैं। थाने से भागने के बाद पुलिस उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी बताने को तैयार नहीं। थाने से भागने पर पुलिस की पोल खुल गई, इसके बावजूद अधिकारी मामले को दबाने में जुटे रहे।

 
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Miscreants fleeing from Police custody continuously in West UP
बदन सिंह बद्दो - फोटो : अमर उजाला
अब तक कस्टडी से भागे बड़े बदमाश
दो जुलाई को कुख्यात रोहित उर्फ सांडू मुजफ्फरनगर दरोगा दुर्ग विजय सिंह को गोली मारकर कस्टडी से भाग गया था। हालांकि उसे और उसके साथी राकेश को पुलिस ने 14 दिन बाद मुठभेड़ में मार गिराया था। जिले से भागे अपराधियों में सबसे बड़ा नाम बदन सिंह उर्फ बद्दो का है। 28 मार्च, 2019 को बद्दो दिल्ली रोड स्थित होटल मुकुट महल से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था।

इस समय बद्दो पर ढाई लाख का इनाम है। लेकिन पुलिस यह बताने की स्थिति में भी नहीं है कि बद्दो भारत में है या विदेश में। इससे पहले शातिर तांत्रिक नजाकत उर्फ पप्पू भी 26 सितंबर 2015 को इसी तरह कस्टडी से फरार हो गया था। उस पर 25 हजार का इनाम है। लेकिन पुलिस उसका सुराग तक नहीं लगा पाई।
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Miscreants fleeing from Police custody continuously in West UP
गिरफ्तार बदमाशों को लेकर जाती मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला

मोनू पुत्र कालीचरन निवासी ग्राम अछरौंडा परतापुर 9 जनवरी, 2015 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र से पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ था। वह भी 25 हजार का इनामी है। लेकिन पकड़ा नहीं गया। बुलंदशहर के एक बंदी को 26 नवंबर 2015 को कूल्हे के ऑपरेशन के नाम पर मेडिकल अस्पताल में लाया गया था। लेकिन वह दोनों पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला था।

मेडिकल थाना क्षेत्र से 25 अप्रैल, 2013 को इरफान पुत्र अय्यूब निवासी ग्राम हर्रा सरूरपुर भी फरार हुआ था। वह हत्या के मुकदमे में जेल में बंद था। जिसे इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इरफान पर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित है। 

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