मेरठ में अंग्रेजों के जमाने का 100 साल पुराना तांगा स्टैंड बन जाएगा इतिहास, हटाने की कार्रवाई शुरू
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तांगा स्टैंड प्रधान ने अपने वकील की ओर से रेलवे को नोटिस भेजा था। नोटिस में तांगा ने चलने की बात को नकारते हुए इसका प्रयोग केवल कम होना बताया गया है। नोटिस में लिखा है कि त्योहारों पर इसका उपयोग बढ़ जाता है। नोटिस में रेलवे द्वारा जबरन तांगा स्टैंड हटाए जाने पर आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी थी। हालांकि सात जून को ही तांगा स्टैंड को हटाया जाना था लेकिन इसे गुरुवार तक इसे टाल दिया गया और आज सुबह साढ़े दस बजे इस पर कार्रवाई के आदेश दे दिए गए।
700 वर्ग मीटर का किराया 1500 रुपये
सिटी स्टेशन परिसर के बाहर 700 वर्ग मीटर में बने इस तांगा स्टैंड का किराया मामूली था। कुछ समय पहले इसका किराया 500 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया था। वर्ष-2007 के बाद रेलवे ने इसका किराया 1500 रुपये महीना कर दिया। तांगा स्टैंड पर मौजूद लोगों का कहना है कि किराया बढ़ाए जाने के बाद से ही इसे यहां से खत्म करने की कवायद शुरू कर दी गई थी।
घोड़े कर लिए खड़े
तांगा स्टैंड हटाने की जानकारी लगते ही तांगा मालिकों ने यहां पर घोड़े खड़े कर दिए। तांगा मालिकों का कहना था कि रोजाना ये घोड़े मंडी सहित अन्य स्थानों पर आते-जाते रहते हैं। इनको विशेष तौर पर यहां नहीं खड़ा किया गया है।