ठंड के दस्तक देते ही हस्तिनापुर वन्य जीव विहार (सेंक्चुरी) विदेशी पक्षियों से गुलजार होने लगा है। यहां का अनुकूल मौसम और प्राकृतिक वातावरण 25 से 30 हजार किलोमीटर दूर से इन पक्षियों को आने के लिए मजबूर कर देता है। हिमालय पर्वत श्रृंखला भी इनको आने से नहीं रोक पाती। नवंबर के बाद रूस और चीन में अधिक ठंड हो जाने से ये पक्षी कुछ महीने प्रवास के लिए भारत आते हैं। इनके आने से सेंक्चुरी का प्राकृतिक सौंदर्य और भी अनुपम हो गया है।
Exclusive: मेहमान परिंदों से गुलजार हुआ हस्तिनापुर वन्य जीव विहार, पहुंचे 20 प्रजातियों के पक्षी
हस्तिनापुर सेंक्चुरी की झीलों में इन पक्षियों को आसानी से देखा जा सकता है। सुबह आठ बजते ही सेंक्चुरी विदेशी मेहमानों के कलरव से गूंज उठती है। हजारों मील दूर से आने वाले मेहमान परिंदे इस दलदली क्षेत्र को खासा पसंद करते हैं। यहां के अनुकूल मौसम में वे प्रजनन करते हैं। चार माह प्रवास के बाद ये पक्षी अपने बच्चों के साथ वतन वापसी करते हैं।
करीब 2073 वर्ग किमी क्षेत्रफल में बसे हस्तिनापुर वन्य जीव विहार में करीब 10 स्थान ऐसे हैं, जहां एशिया एवं यूरोप के साथ अमेरिका महाद्वीप के भी पक्षी पहुंचते हैं। वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले साल यहां कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने पक्षियों की गणना की। करीब 50 प्रजातियों के पक्षियों की उपलब्धता पाई गई थी।
सेंक्चुरी में कई प्रकार के भोजन
विदेशी पर्यटक पक्षियों को पसंद आने वाले कई प्रकार के भोजन उन्हें हस्तिनापुर सेंचुरी में मिल जाते हैं। झील में दर्जनभर किस्म की घासों की उपलब्धता है। इनमें तमाम कीड़े पनपते हैं। मेहमान पक्षियों के लिए इतने प्रकार के व्यंजन देश के अन्य किसी दलदली जगहों में उपलब्ध नहीं हैं।
पसंद है गंगा का शांत किनारा
यहां साइबेरिया समेत कई महाद्वीपों से मेहमान परिंदे आ रहे हैं। वन्य जीव विहार मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर सहित पांच जिलों की सीमाओं में है। हस्तिनापुर क्षेत्र में कई दलदली झीलों में मेहमान परिंदों की आमद होती है। ये गंगा किनारे शांत माहौल में ज्यादा देखे जाते हैं। यहां पर विदेशी पक्षी अंडे भी देते हैं और बच्चों का पालन पोषण करते हैं।