अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत मंगलवार को शामली में वीवी इंटर कॉलेज की गर्ल्स विंग में कॅरियर और सेल्फ डिफेंस काउंसिलिंग में छात्राओं ने बेबाकी से विशेषज्ञों से सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने कहा कि बेहतर कॅरियर के लिए प्रतिदिन कक्षा में विद्यार्थियों का उपस्थित होना जरूरी है। विषय का चयन अपनी दिलचस्पी के अनुसार ही करना चाहिए। काउंसिलिंग शिविर का शुभारंभ कॉलेज प्रधानाचार्य एसके गिरि ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला का ये अभियान बेटियों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करेगा। समाजसेवी और काउंसलर वीणा अग्रवाल ने कहा कि अभिभावक खासतौर से माताओं को अपनी बेटियों से खुलकर बात करनी चाहिए। उनकी इच्छाएं समझनी चाहिए। वे क्या विषय लेना चाहती है ये उन्हीं पर छोड़ दें। शिविर में कॉलेज की 107 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
अपराजिता: कॅरियर काउंसलिंग कार्यशाला में छात्राओं की परेशानियां हुईं हल, सीखे सेल्फ डिफेंस के तरीके
स्काउट गाइड की जानकारी ली
दसवीं की छात्रा आफसा ने पूछा कि स्काउट गाइड में क्या सिखाया जाता है। विशेषज्ञ ने बताया कि इसमें सुरक्षा, स्वच्छता, प्राथमिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। छात्राएं गाइड या एनसीसी लें। इसके हायर एजूकेशन में प्रवेश और सर्विस में अतिरिक्त मार्क्स भी मिलते हैं।
बैंक में जाना है तो कॉमर्स लें
छात्रा सोनी ने कहा कि उसकी इच्छा बैंक की नौकरी करने की है। इसके लिए उसे क्या करना होगा। विशेषज्ञ ने बताया कि इसके लिए वे कॉमर्स लाइन चुने। बैंक जॉब के लिए कॉमर्स, मैथ, एकाउंट जरूरी है।
समझ नहीं आता तो झिझके नहीं टीचर को बताएं
साबियान ने सवाल किया कि यदि कक्षा में समझाई कोई चीज समझ में नहीं आ रही तो क्या करें। विशेषज्ञ ने कहा कि उन्हें अपने टीचर को स्पष्ट ये बता देना चाहिए। दोबारा समझाने का अनुरोध करना चाहिए। यदि फिर भी समझ में न आए तो उनसे अलग से बात कर समझना चाहिए।
कोई अंजान घर में घुस जाए तो क्या करें
कुछ छात्राओं ने कहा कि यदि वे घर पर अकेली हैं और कोई अनजान अचानक घर में घुस जाए तो उन्हें क्या करना चाहिए। विशेषज्ञ ने बताया कि सबसे पहले उन्हें किसी दूसरे कमरे में भागकर दरवाजा अंदर से बंद कर लेना चाहिए। कमरे की खिड़की से शोर मचाना चाहिए। फोन हो तो कॉल कर पुलिस ओर परिजनों को बताएं।
बेटियों की इच्छा को समझें: वीणा अग्रवाल
समाजसेवी और काउंसलर वीणा अग्रवाल ने कहा कि अभिभावक खासतौर से माताओं को अपनी बेटियों से खुलकर बात करनी चाहिए। उनकी इच्छाएं समझनी चाहिए। वे क्या विषय लेना चाहती है ये उन्हीं पर छोड़ दें। अपनी मर्जी उन पर न थोपें। अक्सर देखा गया कि अभिभावक वहीं विषय दिलाना चाहते हैं जो उन्होंने या तो खुद पढ़े हैं या फिर उनके भाई बहनों ने पढ़े हों।
बेटे और बेटियों में फर्क ना होने दें
समाजसेवी कुमुद शर्मा ने कहा कि अक्सर अभिभावक बेटों की तुलना में बेटियों को सुविधाओं में कमी रखते हैं। भले ही बेटी इस बात को जाहिर न करे, लेकिन उसके मन के अंदर ये बात आती है। अभिभावक प्रयास करें कि बेटी को ऐसा कुछ भी फील न हो। उन्हें अंदर से मजबूत बनाएं। बेटे और बेटी का फर्क ना होने दें। बेटी की इच्छा के अनुसार उन्हें अपना कॅरियर चुनने दें।
अंदर से मजबूत बनें बेटियां
वीवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य एसके आर्य ने छात्राओं से कहा कि आज की बेटी किसी भी मायनों में बेटों से कम नहीं है। कहा कि वे अंदर से मजबूत बनें। अपने अधिकार पहचानें। कोई परेशान है तो टीचर्स या अपने परिजनों से शेयर करें। मन से झिझक निकालनी चाहिए तभी वे मजबूत बनेंगी।
मेरठ में इस अभियान के तहत चावली देवी आर्य कन्या इंटर कॉलेज ब्रह्मपुरी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 550 छात्राओं और शिक्षिकाओं ने परामर्श लिया। इसके अलावा छात्राओं में हीमोग्लोबिन, वजन और टीबी की जांच भी की गई। छात्राओं को आयरन की टेबलेट भी बांटी गईं। शिविर में गायनिक, फिजियोथेरेपिस्ट, फिजिशियन व मनोचिकित्सक और दो टीबी विशेषज्ञों की टीम शामिल रही।