जिनकी उंगली पकड़कर कभी चलना सीखे थे। वे शहर की चकाचौंध में मानो अंधे हो गए। मां-बाप को गांव से शहर बुलाया भी तो सिर्फ इस खातिर खुद बाहर जाकर इंज्वॉय कर सकें। जब बूढ़े मां-बाप की सेवा की बारी आई तो बेटे और बहू ने वृद्घाश्रम पहुंचा दिया।
तस्वीरें: जिन्हें उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उन लाडलों का प्यार देख छलकीं दादा-दादी की आंखें
ये नजारा था मंगलवार को कैंट स्थित केंद्रीय विद्यालय पंजाब लाइंस में वरिष्ठ अभिभावक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का। प्राइमरी विंग में छात्र-छात्राओं ने ऐसी प्रस्तुतियां देकर हर किसी को भावुक कर दिया। अपनी प्रस्तुतियों से संदेश दिया कि अगर आप अपने बुजुर्गों के साथ ऐसा करते हैं तो आने वाले कल में आपके साथ भी ऐसा ही कुछ सामने आएगा।
कार्यक्रम में बच्चों ने दादा-दादी एवं नाना-नानी को तिलक लगाकर एवं चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बच्चों ने आज के विशेष दिन के लिए तैयार किए गए गीत, नृत्य, नाटिका से हर किसी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के नामित अध्यक्ष ले. कर्नल एएम शर्मा ने किया। प्राचार्य लक्ष्मी सिंह ने मुख्य अतिथि को पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। इसके बाद नन्हें-मुन्नो ने सरस्वती वंदना व स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
बच्चों ने लघु नाटिका, कविता पाठ, हास्य फुलझड़ियों सहित एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से मन मोह लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अभिभावकों के लिए भी म्यूजिकल चेयर सहित अनेक मनोरंजक खेलों का आयोजन भी किया गया। इसमें बुजुर्गों ने खूब बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अध्यापिका नीति रानी शर्मा ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।