मेरठ के फलावदा थानाक्षेत्र के रसूलपुर गांव में हुए भीषण हादसे से इलाके में दहशत फैल गई। अचानक हुए विस्फोट से चार मकान पलक झपकते ही जमींदोज हो गए साथ ही दो किलोमीटर तक घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक हिल गए।
दर्दनाक हादसा: तेज धमाका और पलक झपकते ही जमींदोज हुए चार मकान, हर तरफ था धूल व धुएं का गुबार
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फलावदा थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में हुए विस्फोट में 4 घायलों का मोदीपुरम केएसडीएस ग्लोबल अस्पताल में उपचार चल रहा है। रसूलपुर निवासी निवासी निसार के भाई इसरार ने बताया कि वह देर शाम करीब 7:30 पर अपने भाई निसार पुत्र नफीस के गया था। उस समय भाभी शायदा खाना बना रही थी। जबकि भाई निसार और बच्चे सोहेब, शुमैला, सानिया, हर्षी, फैशल और हसन खाना खा रहे थे।
इसरार के अनुसार करीब 5 मिनट घर पर रुकने के बाद वह बाहर आ गया। इसी बीच निसार के घर में तेज धमाका हुआ और दीवार छत सब गिर गई। धुंआ और धूल का गुब्बार बन गया। चीख-पुकार के बीच भीड़ जमा हो गई। किसी तरह मलबे को हटाकर घायलों को निकाला गया। जिनमें से चार घायल एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में भर्ती हैं।
घायल निसार के सबसे छोटे भाई इसरार के अनुसार पास में ही आजाद और शादाब का मकान है। धमाका इतनी तेज था कि आजाद और शादाब के घर की छत भी गिर गई।छत गिरने से आजाद का बेटा अनस भी घायल हो गया।घायलों में 8 वर्षीय सायान की हालत गंभीर बनी हुई है।
धमाके की आवाज सुनी और अंधेरा छा गया
इसरार ने बताया कि धमाके से 5 मिनट पहले ही वह अपने भाई निसार के घर से पड़ोसी स्थित अपने घर पर आया था उसे तेज धमाके की आवाज सुनाई दी और सामने अंधेरा छा गया थोड़ी देर में देखा तो वहां पर मलबा पड़ा हुआ था आसपास के लोग बाहर आए आनन-फानन में घायलों को बाहर निकाला और ग्रामीणों की मदद से एक घायल को नंगली गांव स्थित हॉस्पिटल चार को मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल में भर्ती कराया गया।