बिजनौर में नजीबाबाद- हरिद्वार मार्ग से जुड़ी पूर्वी गंगनहर में कार गिरने पर मरने वाले चारों दोस्त गांव सतपुली में दोस्त विकास की शादी में गवाही देने के लिए जा रहे थे। विकास चंडीगढ़ से एक युवती को भगाकर लाया था। इस युवती से ही वह शादी रचा रहा था। परिजन व गांव वाले शादी में शरीक नहीं हो रहे थे। इसीलिए उसने दोस्तों को बुलाया था। मौके पर पहुंचे विकास को मृतकों के परिजनों ने दौड़ा लिया चारों युवकों की मौत का जिम्मेदार ठहराया। विकास वहां से भाग खड़ा हुआ। इस दौरान वहां खूब हंगामा रहा।
शादी में गवाह बनने जा रहे चार दोस्तों की मौत, अब रह गया जिंदगी भर का गम, देखें तस्वीरें
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पौड़ी जनपद के गांव सिमाल पिनानी निवासी विकास, अजय, प्रभात, सचिन व रोहित आपस में गहरे दोस्त थे। विकास की शादी में शरीक होने के लिए ही यह दोस्त कार से जा रहे थे। सचिन के परिजनों के मुताबिक विकास चंडीगढ़ से एक युवती को भगाकर लाया और गांव सतपुली के मंदिर में उससे शादी रचा रहा था। शादी में परिजन व गांव के लोग शामिल नहीं हो रहे थे। इसलिए गवाही के लिए उसने इन दोस्तों को बुलाया। विकास हादसे का पता चलने पर मौके पर पहुंचा। इस दौरान सचिन का शव नहर से निकाला गया था। विकास को देखते ही सचिन के परिजन व रिश्तेदार भड़क उठे। उन्होंने विकास को दौड़ा लिया और कहा कि या तो वह यहां से चला जाए, वरना जान से मार देंगे। नहर में डूबकर तीन दोस्त व कार चालक की मौत विकास की वजह से हुई है। विकास अगर दोस्तों को शादी में न बुलाता तो यह हादसा न होता। विकास परिजनों व रिश्तेदारों का गुस्सा देख वहां से भाग गया। इस घटना को लेकर काफी देर तक हंगामा रहा। रिश्तेदार बाद तक विकास को कोसते रहे। परिजनों के अनुसार प्रभात के पिता सेना से रिटायर्ड हैं। जबकि सचिन के पिता मजदूरी करके अपने परिवार की गुजर बसर करते हैं।
केंद्रीय मंत्री के गांव के रहने वाले तीनों दोस्त
हादसे में मरे तीन दोस्त अजय, प्रभात और सचिन का गांव सिमाल पिनानी है, जो केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक का पैतृक गांव भी है। इस बात की पुष्टि ग्राम प्रधान विनोद सिंह ने की है।
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एक माह पहले ही हुई थी सगाई
पोस्टमार्टम हाउस पर रोते बिलखते परिजनों ने बताया कि अजय की सगाई गत नौ अक्तूबर को ही हुई थी। लगभग एक साल बाद अजय की शादी होने वाली थी। अजय के एक और भाई है। कुछ दिनों पहले उसके पिता की भी मौत हो गई थी।
पांच घंटे में खोजे चारों शव
भागूवाला के निकट पूर्वी गंग नहर के चंदक हेड में डूबे टैक्सी चालक और तीन यात्रियों को खोजने में रेस्क्यू टीम के पीएसी और पुलिस जवानों ने कड़ी मेहनत कर सोमवार को पांच घंटे के भीतर चारों शव खोजे। सोमवार को शीत लहर के बावजूद रेस्क्यू टीम के सदस्य सुबह करीब 7 बजे नहर में उतर गए। 23 वीं बटालियन पीएसी के जवानों रणवीर सिंह, विनोद भाटी, विजय, दिनेश और सचिन ने टैक्सी चालक कौशब और अजय के शव नहर से खोजे। जबकि मंडावली थाने के एसआई बलराम यादव, सिपाही वीर पवांर, अंकित यादव, शाने आलम की टीम ने नहर में डूबे प्रभात और सचिन के शव निकाले।