मेरठ में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की करोड़ों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की तैयारी का पुलिस भले दावा कर रही है, लेकिन गैंगस्टर की कार्रवाई अलफहीम मीटेक्स कंपनी को लेकर उलझ गई है। एसपी सिटी ने याकूब की 26 जगह संपत्ति चिह्नित कर छह विभाग की लिखित रिपोर्ट विवेचक को भेज दी, लेकिन वह संपत्ति जब्त करने को तैयार नहीं है। याकूब की कंपनी का रिकॉर्ड ढूंढने में ही पुलिस को पसीने छूट रहे हैं।
याकूब, उनके दोनों बेटे इमरान और फिरोज गैंगस्टर के रिमांड में 56 दिन की न्यायिक हिरासत में है। जेल प्रशासन का कहना है कि याकूब जेल के अस्पताल में करवट बदल रहे हैं। वह जेल में खिचड़ी व दाल खा रहे हैं। याकूब कुरैशी को सलाखों के पीछे पहुंचाने के बाद उनकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी में पुलिस जुटी है।
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याकूब कुरैशी मामला।
- फोटो : amar ujala
याकूब की फैक्टरी, अस्पताल अवैध हैं, इस पर बुलडोजर चलाने की तैयारी चल रही है। बताया गया कि याकूब की फैक्टरी, अस्पताल, स्कूल, कृषि भूमि व प्लाट समेत करीब 85 करोड़ की संपत्ति का ब्योरा एसपी सिटी ने मुंडाली थाना पुलिस को दिया है।
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याकूब कुरैशी मामला।
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गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर मुंडाली वीरेंद्र कुमार बिसारे कर रहे हैं। इसकी मॉनिटरिंग सीओ किठौर रूपाली राय कर रही हैं। फिलहाल याकूब की अलफहीम मीटेक्स कंपनी का रिकॉर्ड पुलिस को नहीं मिल रहा है। जब तक कंपनी का रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तब तक उनकी अन्य संपत्ति भी जब्त नहीं हो सकती, क्योंकि कंपनी में अवैध तरीके से मीट की पैकिंग की बात कहकर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी के आधार पर दूसरा मुकदमा गैंगस्टर में दर्ज हुआ।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान
- फोटो : अमर उजाला
सीओ किठौर का कहना है कि कंपनी का रिकॉर्ड होना चाहिए। जिसकी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस टीम लगी है।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान
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चुनाव आयोग से भी ली जा रही जानकारी
याकूब कुरैशी की ओर से पूर्व में लड़े गए चुनाव में दर्शाई गई संपत्ति के आधार पर भी रिकॉर्ड जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पुलिस ने चुनाव आयोग से भी कुछ जानकारी जुटाई है। इसके साथ ही गैंगस्टर के तहत कितनी संपत्ति का आंकलन किया है, इसे लेकर भी मंथन चल रहा है।